इकलौते बेटे की मौत से उजड़ गए मां-बाप के अरमान, गांव में पसरा मातम।
अंबाला में सिलेंडर विस्फोट में झुलसे भेटुआ क्षेत्र के युवक की आठ दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार सुबह जैसे ही उसका शव पैतृक गांव पहुंचा, परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो उठा। इकलौते बेटे को खोने का दर्द मां सुशीला यादव सहन नहीं कर सकीं। बेटे का शव देखते ही उनका कलेजा फट पड़ा, जबकि पिता जंग बहादुर यादव गहरे सदमे में बेसुध से हो गए।भेटुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत भरेथा के देवरहा गांव निवासी 22 वर्षीय सत्यम यादव अंबाला की एक निजी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत थे। कंपनी की ओर से मिले कमरे में वह गांव के दो साथियों और एक रिश्तेदार के साथ रहते थे। 29 जुलाई की रात करीब साढ़े ग्यारह बजे खाना बनाते समय अचानक सिलेंडर में भीषण विस्फोट हो गया। हादसे में कमरे में मौजूद चारों युवक गंभीर रूप से झुलस गए। सभी को इलाज के लिए चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार को हादसे के आठवें दिन सत्यम ने जिंदगी की जंग हार दी।गुरुवार सुबह करीब नौ बजे सत्यम का शव उनके पैतृक गांव पहुंचा। अंतिम दर्शन के लिए शव को घर लाया गया, जहां मां ने बेटे की एक झलक देख बिलखते हुए उसे विदा किया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए शव को श्रृंगवेरपुर ले जाया गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों को ढांढस बंधाने के लिए शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।सत्यम अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। उनकी 25 वर्षीय बहन स्वाति अभी अविवाहित हैं। परिवार की उम्मीदों का सहारा रहे बेटे के असमय निधन से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही बात थी कि एक पल में हंसता-खेलता परिवार गहरे मातम में डूब गया।
Hardoi, Hardoi | Aug 6, 2026