बहन की मन्नत लाई रंग! मां चिंतपूर्णी के दरबार में दंडवत होकर पहुंचा परिवार, भाई के ठीक होने पर पूरी की मनोकामना
जालंधर में हादसे के बाद भाई की हालत हो गई थी बेहद नाजुक, डॉक्टरों ने भी उम्मीद छोड़ दी थी; मां चिंतपूर्णी पर अटूट विश्वास लेकर बहन ने मांगी थी सलामती की दुआ
चिंतपूर्णी।। News123 ।। रिपोर्ट : शर्मा ।। चिन्तपूर्णी ।। मां चिंतपूर्णी के प्रति श्रद्धा और विश्वास की एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहां भाई की जिंदगी बचाने के लिए बहन ने मां के दरबार में मन्नत मांगी। बहन को विश्वास था कि मां चिंतपूर्णी की कृपा से उसका भाई जल्द स्वस्थ होकर फिर से अपने परिवार के बीच खुशियां लौटाएगा।
जानकारी के अनुसार, कुछ वर्ष पहले पंजाब के जालंधर में बहन के भाई का गंभीर सड़क हादसा हो गया था। हादसे के बाद उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था और बताया जाता है कि डॉक्टरों ने भी उसके ठीक होने की उम्मीद कम जताई थी। ऐसे मुश्किल समय में बहन ने मां चिंतपूर्णी पर अटूट विश्वास बनाए रखा और भाई के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
बहन ने मन्नत मांगी कि यदि उसका भाई ठीक हो जाता है, तो वह अपने परिवार के साथ मां चिंतपूर्णी के दरबार में दंडवत होकर हाजिरी भरेगी। भाई के स्वस्थ होने पर परिवार में खुशियों की लहर दौड़ गई और बहन ने अपनी मन्नत पूरी करने का संकल्प लिया।
परिवार ने आशापुरी मंदिर के पास से दंडवत यात्रा शुरू की। बताया जाता है कि परिवार करीब दो दिनों तक दंडवत करते हुए आगे बढ़ता रहा। इसी दौरान कुछ श्रद्धालुओं ने उन्हें बताया कि मां के दरबार की ओर जाने वाले मार्ग पर बारवी मंदिर के गेट से भी दंडवत यात्रा शुरू की जा सकती है। इसके बाद बहन ने बारवी मंदिर के गेट से मां चिंतपूर्णी के भवन तक दंडवत होकर पहुंचने का संकल्प पूरा किया।
भाई के स्वस्थ होने और परिवार की मनोकामना पूरी होने से सभी के चेहरे खुशी से खिल उठे। यह घटना बहन के अपने भाई के प्रति प्रेम, परिवार की आस्था और मां चिंतपूर्णी के प्रति अटूट विश्वास की भावुक मिसाल बन गई।
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि सच्चे मन से मांगी गई मुराद मां के दरबार में जरूर सुनी जाती है। यह कहानी भी इसी विश्वास को दर्शाती है कि कठिन से कठिन समय में उम्मीद और आस्था इंसान को संबल देती हैं।