नवांकुर सखी हरियाली यात्रा में पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
महिलाओं को किया सीड वॉल वितरण
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मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद जिला छिंदवाड़ा के अंतर्गत सेक्टर नम्बर- 5 की नगर विकास प्रस्फुटन समितियों एवं नवांकुर संस्था के तत्वावधान में नवांकुर सखी हरियाली यात्रा का आयोजन शहर की हरियाली स्थली धरम टेकड़ी छिंदवाड़ा में बुधवार को किया गया। कार्यक्रम में माताओं-बहनों, छात्र-छात्राओं एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन, पर्यावरणविद् राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त श्री विनोद तिवारी, परामर्शदाता श्रीमती तृप्ति सिंह, श्रीमती लता नागले, श्री आशीष साहू एवं डॉ. चंद्रकांत विश्वकर्मा की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पर्यावरण मित्रों ने वृक्षों का पूजन कर प्रकृति पूजन एवं प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। सभी ने पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करने तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प व्यक्त किया।
इस अवसर पर एसपी ऑफिस से धरमटेकड़ी तक हरियाली यात्रा निकाली गई। यात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति आत्मीय भाव जागृत करने का संदेश दिया गया। महिलाओं की सहभागिता ने यात्रा को विशेष गरिमा प्रदान की। उपस्थित महिलाओं को पौधे वितरित किए गए। हरियाली यात्रा में सीड वॉल का वितरण भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उपस्थित लोगों ने इसकी खुलकर प्रशंसा करते हुए कहा कि यह जन अभियान परिषद का नवाचार है, जिसमें प्रस्फुटन समिति ने सीड वॉल तैयार की और नवांकुर संस्था ने इसे उपस्थित सभी पर्यावरण हितैषियों को वितरित किया। सभी ने सीड वॉल लेकर पर्यावरण के प्रति सजगता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
हरियाली और वृक्षों के सामाजिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर संवाद करते हुए हरियाली यात्रा की जानकारी मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक श्री अखिलेश जैन ने उपस्थित जनसमुदाय को प्रदान की। जिला समन्वयक श्री जैन ने हरियाली एवं वृक्षों के सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व पर संवाद किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति के अभिन्न अंग माने गए हैं। इनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है।
पर्यावरणविद् श्री विनोद तिवारी ने कहा कि वृक्ष लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए जीवन सुरक्षित करने का संकल्प है। वृक्ष हमें प्राणवायु, छाया, फल, औषधि और जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए पौधारोपण के साथ-साथ लगाए गए पौधों की निरंतर देखभाल करना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।
अन्य वक्ताओं ने सभी उपस्थित जनों को हरियाली एवं प्रकृति संरक्षण की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर हर घर तिरंगा, नशामुक्ति और स्वच्छता का संदेश कार्यक्रम में दिया गया। कार्यक्रम में परामर्शदाता श्रीमती तृप्ति ठाकुर, श्रीमती लता नागले, श्री आशीष साहू, नवांकुर संस्था के डॉ. चंद्रकांत विश्वकर्मा, श्री रवि चंदेल, समाजसेवी श्रीमती मीरा पराड़कर, श्रीमती अलका शुक्ला, नगर विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी श्रीमती आयशा लोधी, श्री देवीसिंह चौरे, श्री नंदू निर्मलकर, श्रीमती हर्षा वनोदे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही।
कार्यक्रम में माताओं-बहनों, छात्र-छात्राओं, ग्रामवासियों एवं गणमान्य नागरिकों की सहभागिता ने यह संदेश दिया कि प्रकृति संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का दायित्व नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।