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सहरसा में पान दुकान की छत उखाड़कर डेढ़ लाख की चोरी, नकद समेत सामान लेकर फरार हुए चोर.......see more

Kahara, Saharsa | Aug 6, 2026

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*प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक* 

 *बैंकों की उदासीनता पर जताई कड़ी नाराजगी, कहा—लाभुकों के आवेदन अनावश्यक कारणों से अस्वीकृत नहीं किए जाएं* 

 जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को समयबद्ध ढंग से योजना का लाभ उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में  उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत आपूर्ति प्रमंडल पूर्वी एवं पश्चिमी), अग्रणी जिला प्रबंधक, सारण, जिले के विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में ही जिलाधिकारी ने योजना के तहत बैंकों की धीमी प्रगति एवं उदासीनता पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन बैंकों द्वारा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है अथवा अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई जा रही है, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सरकार की जमा राशि हटाने जैसी कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इसके बाद सभी प्रखंडों में प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत मामलों तथा रूफटॉप सोलर संयंत्रों के इंस्टॉलेशन की प्रखंडवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने प्रखंडों में कम-से-कम तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित करें। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों, बैंक प्रतिनिधियों, विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियरों, अधिकृत वेंडरों, आवेदकों तथा योजना से लाभान्वित लाभुकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि लाभार्थियों के अनुभव से अन्य पात्र परिवार भी योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित हो सकें।
बैठक में वेंडरों ने फीडबैक देते हुए बताया कि योजना की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि योजना के प्रति सकारात्मक एवं जनहितकारी दृष्टिकोण अपनाया जाए तथा छोटी-छोटी लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर ऋण आवेदन अस्वीकृत नहीं किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल तकनीकी या लिपिकीय कारणों से निरस्त किए गए आवेदनों की पुनः समीक्षा कर उन्हें तत्काल पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जाए।
बैठक के दौरान जब बैंक प्रतिनिधियों ने कम सिबिल स्कोर के कारण ऋण स्वीकृति में कठिनाई की बात रखी, तो जिलाधिकारी ने तत्काल समाधान प्रस्तुत करते हुए निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में आवश्यकतानुसार को-बॉरोअर (Co-borrower) के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदन में दर्शाए गए विद्युत भार (लोड) एवं वर्तमान बिजली बिल में अंकित लोड के बीच यदि कोई अंतर है तो उसे तत्काल संशोधित किया जाए, किंतु इस आधार पर किसी भी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाए।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के पंजीकरण, आवेदन स्वीकृति, बैंक ऋण, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा तकनीकी अनुमोदन तथा रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यपालक अभियंताओं को तकनीकी अनुमोदन एवं विद्युत संबंधी प्रक्रियाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा बैंक अधिकारियों को ऋण स्वीकृति एवं वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होने देने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना न केवल आम नागरिकों के बिजली खर्च में कमी लाने वाली महत्वाकांक्षी योजना है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इसलिए सभी संबंधित विभाग एवं बैंक इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को मिशन मोड में लेकर कार्य करें तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें।
बैठक में योजना के प्रभावी संचालन, विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा लाभार्थियों को त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

*प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक* *बैंकों की उदासीनता पर जताई कड़ी नाराजगी, कहा—लाभुकों के आवेदन अनावश्यक कारणों से अस्वीकृत नहीं किए जाएं* जिलाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों एवं बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को समयबद्ध ढंग से योजना का लाभ उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता (विद्युत आपूर्ति प्रमंडल पूर्वी एवं पश्चिमी), अग्रणी जिला प्रबंधक, सारण, जिले के विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, जिला विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के प्रारंभ में ही जिलाधिकारी ने योजना के तहत बैंकों की धीमी प्रगति एवं उदासीनता पर कड़ा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन बैंकों द्वारा योजना के अंतर्गत ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है अथवा अपेक्षित प्रगति नहीं दिखाई जा रही है, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए सरकार की जमा राशि हटाने जैसी कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। इसके बाद सभी प्रखंडों में प्राप्त आवेदनों, स्वीकृत मामलों तथा रूफटॉप सोलर संयंत्रों के इंस्टॉलेशन की प्रखंडवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि अपने-अपने प्रखंडों में कम-से-कम तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित करें। इन शिविरों में जनप्रतिनिधियों, बैंक प्रतिनिधियों, विद्युत विभाग के जूनियर इंजीनियरों, अधिकृत वेंडरों, आवेदकों तथा योजना से लाभान्वित लाभुकों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए, ताकि लाभार्थियों के अनुभव से अन्य पात्र परिवार भी योजना से जुड़ने के लिए प्रेरित हो सकें। बैठक में वेंडरों ने फीडबैक देते हुए बताया कि योजना की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग नहीं मिलना है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि योजना के प्रति सकारात्मक एवं जनहितकारी दृष्टिकोण अपनाया जाए तथा छोटी-छोटी लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर ऋण आवेदन अस्वीकृत नहीं किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि केवल तकनीकी या लिपिकीय कारणों से निरस्त किए गए आवेदनों की पुनः समीक्षा कर उन्हें तत्काल पुनर्जीवित (रिवाइव) किया जाए। बैठक के दौरान जब बैंक प्रतिनिधियों ने कम सिबिल स्कोर के कारण ऋण स्वीकृति में कठिनाई की बात रखी, तो जिलाधिकारी ने तत्काल समाधान प्रस्तुत करते हुए निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में आवश्यकतानुसार को-बॉरोअर (Co-borrower) के माध्यम से ऋण स्वीकृत किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदन में दर्शाए गए विद्युत भार (लोड) एवं वर्तमान बिजली बिल में अंकित लोड के बीच यदि कोई अंतर है तो उसे तत्काल संशोधित किया जाए, किंतु इस आधार पर किसी भी आवेदन को अस्वीकृत नहीं किया जाए। जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत लाभार्थियों के पंजीकरण, आवेदन स्वीकृति, बैंक ऋण, विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा तकनीकी अनुमोदन तथा रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर अधिकाधिक पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यपालक अभियंताओं को तकनीकी अनुमोदन एवं विद्युत संबंधी प्रक्रियाओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा बैंक अधिकारियों को ऋण स्वीकृति एवं वित्तीय प्रक्रियाओं में किसी प्रकार का अनावश्यक विलंब नहीं होने देने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना न केवल आम नागरिकों के बिजली खर्च में कमी लाने वाली महत्वाकांक्षी योजना है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इसलिए सभी संबंधित विभाग एवं बैंक इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को मिशन मोड में लेकर कार्य करें तथा निर्धारित लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करें। बैठक में योजना के प्रभावी संचालन, विभागीय समन्वय को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा लाभार्थियों को त्वरित, पारदर्शी एवं सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित सभी अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों ने योजना के सफल एवं प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

दर्शन का अनुभव बहुत ही सुखद रहा। कहीं कोई परेशानी नहीं हुई और सभी व्यवस्थाएँ शानदार रहीं। इसके लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन का हार्दिक धन्यवाद।

Department of Tourism, Government of Bihar
#ShravaniMela2026
#HariharnathMandir 
#Sonepur
#BiharGovernment

दर्शन का अनुभव बहुत ही सुखद रहा। कहीं कोई परेशानी नहीं हुई और सभी व्यवस्थाएँ शानदार रहीं। इसके लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन का हार्दिक धन्यवाद। Department of Tourism, Government of Bihar #ShravaniMela2026 #HariharnathMandir #Sonepur #BiharGovernment

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026

सहरसा में पान दुकान की छत उखाड़कर डेढ़ लाख की चोरी, नकद समेत सामान लेकर फरार हुए चोर #saharsa #crime

सहरसा में पान दुकान की छत उखाड़कर डेढ़ लाख की चोरी, नकद समेत सामान लेकर फरार हुए चोर #saharsa #crime

Kahara, Saharsa | Aug 6, 2026

*वेजफेड अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा* 

 *सभी अंचलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वित रूप से योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के दिए निर्देश* 

 जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने सर्वप्रथम जिले के सभी 20 प्रखंडों में गठित 20 प्राइमरी वेज कोऑपरेटिव सोसाइटी (पीवीसीएस) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक पीवीसीएस को आवश्यक आधारभूत उपकरणों की खरीद हेतु ₹98,800 की राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अब तक 10 प्रखंडों के 10 पीवीसीएस को यह राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वेजफेड द्वारा पीवीसीएस सदस्यता अभियान 02 जनवरी, 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण (02 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) में 20,685 नए सब्जी उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया गया, जबकि द्वितीय चरण में 06 मार्च, 2026 तक 40,388 किसानों को सदस्यता प्रदान की गई है।
इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत सब्जी उत्पादक किसानों को पीवीसीएस से जोड़ने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
बैठक के दौरान वेजफेड की आधारभूत संरचना विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पीवीसीएस के लिए 10,000 वर्गफुट (100×100 फीट) भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित की जानी है, जिसकी प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹1,14,30,561 निर्धारित है।
इस परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, मार्केट यार्ड, "अपना मंडी" प्लेटफॉर्म, धुलाई, सफाई, छंटाई एवं ग्रेडिंग शेड, कार्यालय भवन, गार्ड रूम, शौचालय, आंतरिक सड़क, 20 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, 10 मीट्रिक टन क्षमता का शीत भंडारण गृह, पार्किंग शेड तथा जलापूर्ति हेतु ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है।
इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके।
बैठक में प्याज भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक पीवीसीएस में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,500 वर्गफुट भूमि की आवश्यकता होगी तथा प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹13,05,105 निर्धारित की गई है।
इसके अतिरिक्त वेजफेड एवं पीवीसीएस के माध्यम से संचालित "तरकारी आउटलेट" योजना की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों से सीधे ताजी सब्जियों की खरीद कर संगठित खुदरा बिक्री सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजी सब्जियां उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। प्रति तरकारी आउटलेट ₹7.44 लाख की लागत स्वीकृत है।
समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने वेजफेड अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें।
बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।

*वेजफेड अंतर्गत संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर जिला पदाधिकारी ने की समीक्षा* *सभी अंचलाधिकारियों को भूमि चिन्हित करने तथा कृषि एवं सहकारिता विभाग को समन्वित रूप से योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन के दिए निर्देश* जिला पदाधिकारी, सारण श्री वैभव श्रीवास्तव की अध्यक्षता में समाहरणालय कार्यालय कक्ष में सहकारिता विभाग के अंतर्गत बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी परिसंघ लिमिटेड (वेजफेड) द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पदाधिकारी ने सर्वप्रथम जिले के सभी 20 प्रखंडों में गठित 20 प्राइमरी वेज कोऑपरेटिव सोसाइटी (पीवीसीएस) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक पीवीसीएस को आवश्यक आधारभूत उपकरणों की खरीद हेतु ₹98,800 की राशि उपलब्ध कराई जाती है तथा अब तक 10 प्रखंडों के 10 पीवीसीएस को यह राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि वेजफेड द्वारा पीवीसीएस सदस्यता अभियान 02 जनवरी, 2026 से संचालित किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण (02 जनवरी से 31 जनवरी, 2026) में 20,685 नए सब्जी उत्पादक किसानों को सदस्य बनाया गया, जबकि द्वितीय चरण में 06 मार्च, 2026 तक 40,388 किसानों को सदस्यता प्रदान की गई है। इस पर जिला पदाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पंजीकृत सब्जी उत्पादक किसानों को पीवीसीएस से जोड़ने की दिशा में विशेष अभियान चलाया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकें। बैठक के दौरान वेजफेड की आधारभूत संरचना विकास योजना की भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पीवीसीएस के लिए 10,000 वर्गफुट (100×100 फीट) भूमि पर आधारभूत संरचना विकसित की जानी है, जिसकी प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹1,14,30,561 निर्धारित है। इस परियोजना के अंतर्गत बाउंड्री वॉल, मार्केट यार्ड, "अपना मंडी" प्लेटफॉर्म, धुलाई, सफाई, छंटाई एवं ग्रेडिंग शेड, कार्यालय भवन, गार्ड रूम, शौचालय, आंतरिक सड़क, 20 मीट्रिक टन क्षमता का गोदाम, 10 मीट्रिक टन क्षमता का शीत भंडारण गृह, पार्किंग शेड तथा जलापूर्ति हेतु ट्यूबवेल का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी ने सभी अंचलाधिकारियों को आवश्यकतानुसार उपयुक्त भूमि का शीघ्र चिन्हीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रारंभ किया जा सके। बैठक में प्याज भंडारण योजना की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि किसानों को वैज्ञानिक एवं सुरक्षित भंडारण सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक पीवीसीएस में 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण ढांचे का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए लगभग 1,500 वर्गफुट भूमि की आवश्यकता होगी तथा प्रति इकाई अनुमानित लागत ₹13,05,105 निर्धारित की गई है। इसके अतिरिक्त वेजफेड एवं पीवीसीएस के माध्यम से संचालित "तरकारी आउटलेट" योजना की भी समीक्षा की गई। जिला सहकारिता पदाधिकारी ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य किसानों से सीधे ताजी सब्जियों की खरीद कर संगठित खुदरा बिक्री सुनिश्चित करना है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं ताजी सब्जियां उचित दरों पर उपलब्ध हो सकें। प्रति तरकारी आउटलेट ₹7.44 लाख की लागत स्वीकृत है। समीक्षा के दौरान जिला पदाधिकारी ने वेजफेड अंतर्गत संचालित सभी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें तथा नियमित अनुश्रवण के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे तथा सभी कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। साथ ही सभी अंचलाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी क्षेत्रीय स्तर पर सतत निगरानी रखते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान करें और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करें। बैठक में अपर समाहर्ता, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं सभी प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी उपस्थित थे।

Saharsa, Bihar | Aug 6, 2026