88 वर्ष की उम्र में मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी का निधन
😭 छह दशक तक संगीत जगत पर छोड़ी अमिट छाप
मैसूर। भारतीय फिल्म संगीत जगत की दिग्गज पार्श्व गायिका एस. जानकी का शनिवार को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। शुक्रवार रात उन्हें सांस लेने में परेशानी होने के बाद मैसूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है।
एस. जानकी, जिनका पूरा नाम सिष्टला श्रीराममूर्ति जानकी था, ने अपने करीब 60 वर्षों के लंबे संगीत सफर में 48 हजार से अधिक गीत रिकॉर्ड किए। उन्होंने हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम सहित कई भारतीय भाषाओं में अपनी आवाज का जादू बिखेरा। हिंदी फिल्मों में उनके गाए "बोल बेबी बोल", "प्रभु मोरे अवगुण", "ओ मारिया" और "गोपाला-गोपाला" जैसे गीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
उन्होंने अपने गायन करियर की शुरुआत वर्ष 1957 में की थी, जबकि पहला हिंदी गीत 1958 में रिलीज हुई फिल्म "मिस 58" के लिए रिकॉर्ड किया था। अपने शानदार योगदान के लिए उन्हें चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों सहित कई प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय सम्मानों से सम्मानित किया गया।
वर्ष 2013 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करने की घोषणा की थी, लेकिन उन्होंने यह सम्मान स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उनका मानना था कि दक्षिण भारतीय कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त और समय पर सम्मान नहीं मिल पाता।
संगीत प्रेमियों के बीच "जानकी अम्मा" के नाम से प्रसिद्ध एस. जानकी अपनी सफलता का श्रेय हमेशा संगीतकारों और गीतकारों को देती थीं। प्रसिद्ध गायक एस.पी. बालसुब्रह्मण्यम के साथ उनकी जोड़ी भारतीय फिल्म संगीत की सबसे सफल जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने साथ मिलकर हजारों यादगार युगल गीत गाए।
करीब छह दशक तक सक्रिय रहने के बाद वर्ष 2017 में उन्होंने नई रिकॉर्डिंग से संन्यास लेने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि अब वह लंबे संगीत सफर के बाद आराम करना चाहती हैं। मैसूर में आयोजित एक कार्यक्रम के साथ उन्होंने अपने गायन करियर को औपचारिक रूप से विराम दिया। उनके निधन से भारतीय संगीत जगत ने अपनी एक महान और सदाबहार आवाज को खो दिया है।