योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन
सेवा संकल्प अभियान में योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता का दिया संदेश
योग केवल शरीर को मजबूत करने की साधना नहीं, बल्कि मन को दृढ़, शांत और सकारात्मक बनाने की प्रक्रिया है -कृष्णकांत सोनी योग गुरु
बड़वानी 29 सितम्बर 2026/विकसित भारत के संकल्प 2047 को जन-जन तक पहुँचाने तथा “जन सेवा से देश सेवा” की भावना को साकार करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गतिविधियों का दौर जारी है। इसी क्रम में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भवती में योग एवं ध्यान सत्र का आयोजन पानसेमल से पधारे योगगुरु श्री कृष्णकांत सोनी के विशेष आतिथ्य में किया गया।
क्षेत्र में योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता के लिए कार्य कर रहे श्री कृष्णकांत सोनी का विद्यालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। प्राचार्य असलम खान ने शाल एवं श्रीफल भेंट कर उनके योग सेवा एवं स्वास्थ्य जागरूकता के कार्यों के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालक एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
इस अवसर पर शिक्षक महेश मालवीय ने कहा कि “जन सेवा से देश सेवा” करने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणास्रोत होते हैं। जो व्यक्ति अपने ज्ञान, समय, श्रम और सामर्थ्य का उपयोग समाजहित में करता है, तो उसकी छोटी-सी सेवा भी राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान बन जाती है। उन्होंने श्री सोनी के सरल स्वभाव, सेवाभाव स्वास्थ्य जागरूकता हेतु किए कार्यों की सराहना करते हुए कहा, श्री सोनी 27 वर्षों से, निस्वार्थ भाव से योग प्रशिक्षक का कार्य कर रहे हैं। वे योग के जुनून में सरकारी नौकरी भी छोड़ चुके हैं तथा निःशुल्क योग अभ्यास के साथ ही समाज में नैतिक शिक्षा का उजियारा भी फैला रहे है, इसी कारण योगगुरु कहलाते हैं। सरकारी नौकरी छोड़ने के बाद सोनी ने योग को अपना मिशन बना लिया है। योगगुरु कृष्णकांत सोनी ना सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी योगाभ्यास करा चुके हैं।
श्री सोनी ने विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को सूक्ष्म व्यायाम, उकड़ू आसन, अर्ध-वज्रासन, वज्रासन, उदर शक्ति विकास क्रिया एवं कटि आसन सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। उन्होंने तनावमुक्ति क्रियाओं, शारीरिक एवं मानसिक ऊर्जा बढ़ाने वाली क्रियाओं तथा विभिन्न प्राणायामों की जानकारी देते हुए नियमित अभ्यास की उपयोगिता समझाई। साथ ही दैनिक जीवन में उपयोगी औषधीय पौधों एवं सामान्य स्वास्थ्य संबंधी उपायों की जानकारी दी।
योगगुरु ने योग अभ्यास का महत्व बताते हुए कहा कि शरीर से कहीं अधिक शक्तिशाली मन होता है। मन मजबूत हो तो व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारता, लेकिन मन कमजोर हो जाए तो शरीर की शक्ति भी प्रभावित होने लगती है। इसलिए योग केवल शरीर को मजबूत करने की साधना नहीं, बल्कि मन को दृढ़, शांत और सकारात्मक बनाने की प्रक्रिया है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने भी योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और संतुलित दिनचर्या का महत्वपूर्ण आधार माना है साथ ही इसे जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी किया है। योग को नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाकर व्यक्ति अपने शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। योग एवं ध्यान का नियमित अभ्यास मन को शांति, शरीर को स्फूर्ति और विचारों को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। बाहरी चिंताओं से ध्यान हटाकर स्वयं पर केंद्रित करने का अवसर मिलता है।
योग अभ्यास के बाद विद्यार्थियों ने योगगुरु से विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका उन्होंने सरल तरीके से समाधान किया। सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का महत्व समझाया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने तथा अपने सामर्थ्य के अनुसार समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।