#सफलता_की_कहानी
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
सरकारी योजनाओं का मिला संबल: स्वावलंबन की मिसाल बनीं कोलारस की अंगूरी धाकड़, बनीं 'लखपति दीदी'
शिवपुरी, 27 अगस्त 2026
केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संबल से ग्रामीण अंचल की महिलाएँ अब न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो रही हैं, बल्कि 'आत्मनिर्भर भारत' और 'सशक्त मध्य प्रदेश' के सपने को साकार कर रही हैं। ऐसी ही एक मिसाल पेश की है जिला शिवपुरी, विकासखंड कोलारस, ग्राम पंचायत किलानी की निवासी अंगूरी धाकड़ ने, जिन्होंने सीमित संसाधनों से शुरुआत कर अपनी लगन और मेहनत के बल पर 'लखपति दीदी' बनने का गौरव हासिल किया है।
समूह से जुड़ाव और सिलाई से पहली शुरुआत
अंगूरी धाकड़ के जीवन में सकारात्मक बदलाव की शुरुआत तब हुई जब वे आजीविका मिशन के 'लवकुश स्व सहायता समूह' से जुड़ीं। मिशन के तहत सिलाई का नि:शुल्क प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने समूह से ₹10,000 का पहला लोन लिया। इस राशि से सिलाई मशीन खरीदकर उन्होंने घर से ही कपड़े सिलने का काम शुरू किया, जिससे उन्हें रोजाना ₹200 से ₹300 की नियमित आय मिलने लगी और आत्मविश्वास बढ़ा।
ग्रामीण आजीविका मिशन: ₹50,000 के दूसरे लोन से मनयारी दुकान की स्थापना
सिलाई से हुई बचत और अनुभव के बल पर अंगूरी जी ने अपने काम को आगे बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह के माध्यम से ही ₹50,000 का दूसरा लोन प्राप्त किया। इस राशि का उपयोग कर उन्होंने गाँव में किराए की दुकान लेकर मनयारी (जनरल स्टोर व प्रसाधन सामग्री) का व्यवसाय शुरू किया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में और सुधार आया।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना: ₹2 लाख के लोन से कपड़ा व्यवसाय का शुभारंभ
अंगूरी धाकड़ की लगन और व्यवसायिक क्षमता को देखते हुए उन्हें बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री मुद्रा योजना' के तहत 2 लाख रुपए का लोन स्वीकृत कराया गया। इस वित्तीय मदद से उन्होंने किराए की दुकान की निर्भरता समाप्त कर अपने घर में ही पक्की दुकान कर कपड़ा व्यवसाय (क्लॉथ स्टोर) शुरू किया। आज वे थोक बाजार से कपड़े लाकर बेचने के साथ-साथ सिलाई और मनयारी का काम भी सफलतापूर्वक चला रही हैं।
प्रतिमाह ₹15,000 से ₹18,000 की कमाई, बनीं 'लखपति दीदी'
केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के इस सफल संयोजन से आज अंगूरी धाकड़ विभिन्न व्यवसायों के माध्यम से प्रतिमाह ₹15,000 से ₹18,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं। कभी सीमित साधनों में जीवन बिताने वाली अंगूरी जी आज समाज में 'लखपति दीदी' के रूप में पहचान बनाकर अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का जताया आभार
अपनी सफलता का श्रेय केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों को देते हुए अंगूरी धाकड़ कहती हैं कि आजीविका मिशन और मुद्रा योजना के सहयोग से ही उनके लिए आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनना संभव हो सका है। उन्होंने महिलाओं के सर्वांगीण विकास और स्वावलंबन के लिए चलाई जा रही इन योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया है।
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Shivpuri, Madhya Pradesh | Aug 27, 2026