पंचकूला में 572 स्कूल-कॉलेजों के 1,01,119 विद्यार्थियों ने दी राज्य स्तरीय रोड सेफ्टी प्रतियोगिता के प्रथम चरण की परीक्षा
हर विद्यार्थी बने सड़क सुरक्षा का प्रहरी, सुरक्षित यातायात के संदेश को घर-घर पहुंचाने में युवा निभाएं अहम भूमिका: पुलिस कमिश्नर पंकज नैन
पंचकूला/ 31 अगस्त:- सड़क सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों को जागरूक करने और उनमें यातायात नियमों की समझ एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से पंचकूला ट्रैफिक पुलिस द्वारा आज राज्य स्तरीय रोड सेफ्टी प्रतियोगिता के प्रथम चरण की परीक्षा का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिलेभर के सरकारी एवं निजी स्कूलों तथा कॉलेजों के विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों, यातायात अनुशासन, सुरक्षित ड्राइविंग तथा सड़क पर जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह ने बताया कि पंचकूला जिले में आयोजित प्रथम चरण की परीक्षा में कुल 1,01,119 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनमें 418 सरकारी स्कूलों, 145 प्राइवेट स्कूलों और 9 कॉलेजों के विद्यार्थी शामिल रहे। उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की भागीदारी यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक हो रही है और यातायात नियमों की जानकारी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बच्चों और युवाओं को शुरुआत से ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए तो भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान मिल सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं यातायात नियमों का पालन करने के साथ-साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने और सड़क पर अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित करें।
पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन ने कहा कि सड़क सुरक्षा की शुरुआत जागरूकता से होती है और जागरूकता की सबसे मजबूत कड़ी हमारे विद्यार्थी हैं। राज्य स्तरीय रोड सेफ्टी प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी देने के साथ-साथ उनमें सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार की आदत विकसित की जा सकती है। हमारा प्रयास है कि हर विद्यार्थी सुरक्षित सड़क व्यवहार का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाए। 1,01,119 विद्यार्थियों की भागीदारी इस अभियान की व्यापक पहुंच और जनसहभागिता का प्रमाण है।