वार बक्स बाबा मंदिर में नागपंचमी पर आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने चढ़ाया लावा व दूध
औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड के वार स्थित बक्स बाबा नाग देवता मंदिर में सोमवार को नागपंचमी को लेकर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह चार बजे से ही आसपास के जिलों के साथ-साथ बिहार के विभिन्न हिस्सों से लाखों भक्त यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने नाग देवता को दूध-लावा अर्पित कर एवं नारियल फोड़कर पूजा अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, सर्प भय से मुक्ति और सर्प दोष निवारण की कामना की।अहले सुबह से ही मंदिर परिसर बक्स बाबा के नारों और जयकारों से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं,पुरुष और बच्चे भी पूजा में शामिल हुए। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं ने मेले का लुत्फ उठाया। यहां करीब 60 वर्षों से नागपंचमी का मेला आयोजित किया जा रहा है।स्थानीय लोगो के मान्यताओं के अनुसार बक्स बाबा मंदिर में सच्चे मन से की गई पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ऐसी भी मान्यता है कि सांप या बिच्छू के काटने पर पीड़ित के वस्त्र को नाग देवता के चरणों में अर्पित कर बाबा का जयकारा लगाने से पीड़ित को राहत मिलती है। इसी आस्था के कारण यहां पूजन दर्शन करने वाले श्रद्धालु नागपंचमी के दिन लोग नमक का सेवन नहीं करते। इस दिन अधिकांश श्रद्धालु फलाहार और मीठा भोजन करते है। जिनकी मन्नतें पूरी होती हैं तो वे डीजे ,ढोल बाजे के साथ पहुंच कर मंदिर में धार्मिक ध्वज भी लगाते हैं।
मंदिर के मुख्य पुजारी वार गांव निवासी यमुना यादव पिछले 60 वर्षों से यहां पूजा-अर्चना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नागपंचमी पर यहां की आस्था देखते ही बनती है। यह मंदिर सालों भर बंद रहती है केवल नागपंचमी के दिन ही मंदिर का दरवाजा 24 घण्टा के खोला जाता है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। एसडीपीओ सदर-2 आदित्य कुमार और मदनपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। संदिग्ध लोगों पर निगरानी रखी गई।
जिला परिषद सदस्य शंकर यादवेंदु ने कहा कि नागपंचमी पर यहां सैकड़ों वर्षों से परंपरा चली आ रही है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, बिजली और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं अंचलाधिकारी मो. अकबर हुसैन ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।