पीलीबंगा में छंगाई के नाम पर पेड़ों की कटाई पर विवाद: पर्यावरण प्रेमियों ने सौंपा ज्ञापन, अधिकारियों ने दिए जांच व कार्रवाई के निर्देश।
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पीलीबंगा (हनुमानगढ़) लालबहादुर भाखर :+
पीलीबंगा: नगर पालिका क्षेत्र में पेड़ों की छंगाई अभियान के दौरान हरे-भरे पेड़ों को जड़ से काटे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि पालिका प्रशासन द्वारा अपने चहेतों के कहने पर कई स्थानों पर नियमों को ताक पर रखकर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर दी गई है। इस संबंध में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की गई है।
पर्यावरण प्रेमी रामेश्वर लाल बिश्नोई ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए गुरु जम्भेश्वर भगवान के अमर संदेश "सिर साठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण" का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वॉर्मिंग के मौजूदा दौर में पेड़ों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। हरियाली को नुकसान पहुंचाना भविष्य की पीढ़ियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है।
यह कहना है इनका:- अमर कुमार (अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका पीलीबंगा) पालिका क्षेत्र में केवल पेड़ों की छंगाई का कार्य चल रहा है, जिसके तहत केवल छोटी टहनियों व शाखाओं को ही काटा गया है। इससे पहले बिजली विभाग द्वारा भी व्यवस्था बनाए रखने हेतु छंगाई की गई थी। यदि किसी स्थान पर पेड़ को जड़ के पास से काटा गया है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यह कहना है इनका:-
उमा मित्तल (उपखंड अधिकारी, पीलीबंगा): ज्ञापन प्राप्त हुआ है। यदि नियमाविरुद्ध जाकर पेड़ों को जड़ से काटा गया पाया जाता है, तो नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
वही पर्यावरण प्रेमी रामेश्वर धारणिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर संदेश "वृक्ष धरा का आभूषण हैं और जीवन की डोर।" पेड़ केवल लकड़ी और छाया नहीं, बल्कि हमें प्राणवायु (ऑक्सीजन) देने वाले प्राकृतिक संवाहक हैं। विकास और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच प्रकृति की अनदेखी आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट पैदा कर सकती है। पर्यावरण की रक्षा केवल शासन या किसी एक वर्ग का नहीं, बल्कि हम सभी का नैतिक दायित्व है।