पीएमएफएमई योजना से मिली नई उड़ान: संतोष वारफा ने मूंगफली ऑयल मिल से लिखी सफलता की कहानी
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कृषि उत्पादों में मूल्य संवर्धन कर बढ़ाई आय, अन्य लोगों को मिला रोजगार
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मूंगफली ऑयल मिल से 10 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं संतोष वारफा
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ब। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) ने जिले के सरदारपुर विकासखंड के ग्राम कंजरोटा निवासी श्री संतोष वारफा के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। सीमित संसाधनों के साथ कृषि पर निर्भर रहने वाले श्री संतोष वारफा ने पीएमएफएमई योजना की सहायता से आधुनिक मूंगफली ऑयल मिल स्थापित कर न केवल अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि की है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित किए हैं।
बीएससी (कृषि) की शिक्षा प्राप्त श्री संतोष वारफा ग्रामीण परिवेश से आते हैं। पहले उनकी आय का मुख्य स्रोत खेती एवं कच्ची मूंगफली की बिक्री थी, जिससे प्रतिवर्ष लगभग 3 से 5 लाख रुपये की आय होती थी। संसाधनों की कमी के कारण व्यवसाय का विस्तार संभव नहीं हो पा रहा था। किसानों की सेवा और कृषि उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त करने की सोच ने उन्हें खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की ओर प्रेरित किया।
पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत उन्हें 2 लाख 60 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। यह राशि बैंक ऑफ इंडिया, राजगढ़ (धार) के माध्यम से उपलब्ध कराई गई। इस सहायता से उन्होंने आधुनिक तकनीक आधारित मूंगफली ऑयल मिल स्थापित की, जिसमें रिफाइंड ऑयल एवं पैकेजिंग मशीन का उपयोग किया जा रहा है।
नई मशीनरी से उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्तमान में इकाई में प्रतिदिन लगभग 1,000 लीटर मूंगफली तेल का उत्पादन किया जा रहा है। आधुनिक मशीनों के उपयोग से तेल की रिकवरी बेहतर हुई है, ऊर्जा की बचत हो रही है तथा उच्च गुणवत्ता वाला मूंगफली तेल एवं चाप खली तैयार की जा रही है। इससे उत्पाद की मांग बढ़ी है और व्यवसाय की आय में निरंतर वृद्धि हुई है।
श्री वारफा बताते हैं कि पहले जहां खेती से सालभर में 3 से 5 लाख रुपये की आय होती थी, वहीं अब उद्योग प्रारंभ होने के बाद केवल 5 से 6 माह में लगभग 5 लाख रुपये की आय प्राप्त हो चुकी है तथा वर्षभर में करीब 10 लाख रुपये से अधिक की आय का अर्जित कर रहे हैं।
उनके उत्पादों की बिक्री अब केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। धार जिले के अलावा उज्जैन, इंदौर एवं रतलाम तक उनके उत्पाद पहुंच रहे हैं। साथ ही आसपास के लगभग 26 गांवों के लोग उनकी ऑयल मिल से सीधे मूंगफली का तेल खरीदने आते हैं।
इस उद्यम के माध्यम से श्री वारफा ने 6 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया है, जिनमें 2 महिलाएं एवं 4 पुरुष शामिल हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
श्री संतोष वारफा कहते हैं, "पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत प्राप्त वित्तीय सहायता से मैंने मूंगफली ऑयल मिल स्थापित की। पहले मैं कच्ची मूंगफली कम दाम पर बेचता था, जिससे आय सीमित थी। अब मैं मूंगफली का तेल और खली स्वयं तैयार कर बाजार में बेच रहा हूँ। इससे उत्पाद का मूल्य बढ़ा, बिक्री में वृद्धि हुई और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। आज आसपास के 26 गांवों के लोग मेरे यहां से उत्पाद खरीदने आते हैं तथा उज्जैन, इंदौर, रतलाम और धार में भी मेरे उत्पादों की बिक्री हो रही है। इससे मुझे आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार देने का अवसर भी मिला है।"
भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने बताया कि वे मूंगफली ऑयल मिल के साथ आचार एवं मिर्ची मसाला निर्माण का व्यवसाय भी प्रारंभ करना चाहते हैं। इसके लिए उत्पादन क्षमता बढ़ाने, आधुनिक मशीनरी लगाने, आकर्षक पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग विकसित करने तथा स्थानीय बाजार के साथ-साथ आसपास के शहरों में विपणन नेटवर्क का विस्तार करने की योजना है।
श्री संतोष वारफा ने अपनी सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (पीएमएफएमई) योजना को देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मध्यप्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना से उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने, आय बढ़ाने तथा अन्य लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में साकार कर रही है। यदि योजनाओं का सही लाभ लिया जाए तो ग्रामीण युवा भी अपने गांव में ही सफल उद्योग स्थापित कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं।
Jansampark Madhya Pradesh
Dhar, Madhya Pradesh | Jul 19, 2026