*करुणामूलक रिजेक्ट मामलों के लिए सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट की जाए संघ*
आज प्रदेश भर के समस्त करुणा मूलक परिवार संघ के राज्य सचिव गुलशन कुमार के अध्यक्षता में शिमला में मुख्यमंत्री जी से मिले जिसमें मंडी प्रधान अनिल बलेनिया ,अभिषेक निखिल, शादी लाल, राहुल, सचिन और सैकड़ो की संख्या में प्रदेश भर के आश्रित अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री जी से मिले
संघ के सचिव गुलशन कुमार का कहना है कि करुणा मूलक परिवारों के लिए सरकार ने बहुत अच्छी पहल करी है और जो परिवार 20 से 25 सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे हैं उनके लिए अब सरकार रोजगार दे कर राहत प्रदान कर रही
सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 तक करुणा मूलक परिवारों के लिए 3 लाख फ्लैट पॉलिसी लाई गई थी और उस पॉलिसी के तहत जिन परिवारों की सालाना इनकम 3 लाख दायरे के अंदर थी उन परिवारों को सरकार नियुक्तियां देना प्रारंभ किया है उसके लिए उसके लिए हम सरकार का धन्यवाद करते हैं
लेकिन साथ में ही सरकार द्वारा रिजेक्ट केसो को रिकंसीडर करने की नोटिफिकेशन भी जारी की गई है करुणा मूलक संगठन की मांग है कि जो केस पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन
केसों के लिए 3 लाख की पॉलिसी के तहत केस रिकंसीडर किये जाए ओर रिजेक्ट केसो के लिए भी सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट किया जाए
ताकि सब परिवारों के साथ एक समान न्याय सके
माननीय मुख्यमंत्री के समक्ष गुलशन कुमार द्वारा रिजेक्ट केसों के लिए सालाना आय इनकम को 3 लाख फ्लैट करने के लिए ज्ञापन दिया
जिस पर मुख्यमंत्री द्वारा इन परिवारों को आश्वासन दिया गया की जो केस पूर्व में किसी वजह से रिजेक्ट है उनके लिए भी सालाना आय इनकम 3 लाख फ्लैट की जाएगी
*मुख्य मांगे*
(1) सरकार की नोटिफिकेशन दिनांक 8.10.2025 ( No.fin-F- (F)-1-1/2025 )
के तहत करुणामूलक मामलों में मिली छूट ओर आय सीमा 3 लाख फ्लैट के बाद स्क्रीनिंग पास किए हुए लगभग 1100 मामले विभिन्न विभागों,बोर्डों, निगमों ओर यूनिवर्सिटी के चयनित हुए हैं जो सेक्रेट्ररी लेवल या वित्त विभाग में फंसे हैं उन सबके टाइपिंग टेस्ट लिए जाएं और Class—C ओर Class-D में एक महीने के भीतर नियुक्तियां दी जाए ।
(2) रिजेक्ट केसों को कंसीडर करने के लिए सरकार द्वारा हाल ही में नोटिफिकेशन की गई है परंतु इस नोटिफिकेशन में आयसीमा को 3 लाख फ्लैट नहीं दर्शाया गया है आपसे निवेदन है कि 8.10.2025 No.fin-F-(F)-1/2025 की नोटिफिकेशन को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाया जाए ताकि जो केस 3 लाख के दायरे में आ रहे हैं और पूर्व में रिजेक्ट हुए हैं उन्हें लाभ मिल सके