*फीस वृद्धि के विरोध में ABVP ने उपायुक्त कार्यालय के बाहर किया धरना-प्रदर्शन, रैली निकालकर जताया रोष*
*एबीवीपी शिमला जिला द्वारा भारी फीस वृद्धि के विरोध मे उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया*
दिनांक: 07 अगस्त 2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला शिमला द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में की गई फीस वृद्धि के विरोध में शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन एवं रैली का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए फीस वृद्धि को तत्काल वापस लेने की मांग उठाई।
विद्यार्थी परिषद ने प्रमुख रूप से दो मांगें रखीं। इनमें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए व प्रदेश मे छात्र संघ चुनाव तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाएं ।
ABVP के कार्यकर्ता पिछले पांच दिनों से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में फीस वृद्धि के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। इसके बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की ओर से उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
धरने को संबोधित करते हुए कुनाल गांग्टा एवं रितिक शर्मा ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सदैव छात्रहित से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्षरत रही है। उन्होंने कहा कि फीस वृद्धि का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों पर पड़ेगा, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों को इसका अत्यधिक प्रभाव पड़ेगा |
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती फीस के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो सकता है। विद्यार्थी परिषद का स्पष्ट मत है कि शिक्षा विद्यार्थियों की पहुंच में रहनी चाहिए और फीस वृद्धि के निर्णय पर विश्वविद्यालय प्रशासन को पुनर्विचार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार से मांग करती है कि फीस वृद्धि को तत्काल वापस लिया जाए तथा छात्रसंघ चुनावों को शीघ्र बहाल किया जाए। विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल सकारात्मक कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के विभिन्न परिसरों में आंदोलन एवं भूख हड़ताल जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन एवं प्रदेश सरकार की होगी।