प्रकृति के प्रति आस्था और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपने दायित्व को याद करने का पर्व है वन महोत्सव : मंत्री राजेश नागर
- 77वें वन महोत्सव पर गांव पाई में किया गया जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन
- हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने की मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत
Aonenews अरविन्द बक्शी
कैथल, 30 जुलाई। 77वें वन महोत्सव के अवसर पर गांव पाई में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि पूंडरी के विधायक सतपाल जांबा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा पौधा रोपित करके किया गया।
इस दौरान करनाल में आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया, जिसमें मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
जिला स्तरीय कार्यक्रम में मंत्र राजेश नागर ने कहा कि यह केवल पौधारोपण का अवसर नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता और आने वाली पीढ़ियों के प्रति अपने दायित्व को स्मरण करने का पर्व है। स्वस्थ, समृद्ध और सुरक्षित भविष्य के लिए प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1950 में देश में वन महोत्सव की शुरुआत हुई थी और आज यह पर्यावरण संरक्षण का जन-आंदोलन बन चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान मातृत्व और प्रकृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है तथा हरियाणा में इसे व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है।
मंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट जैसी गंभीर चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्तमान मानसून सीजन में प्रदेशभर में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस अभियान में वन विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों तथा आमजन की भी भागीदारी रहेगी।
राजेश नागर ने कहा कि पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे एक विशाल वृक्ष बनाना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने 75 वर्ष से अधिक आयु के पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना लागू की है, जिसके तहत पुराने पेड़ों की देखभाल करने वालों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
पूंडरी विधायक सतपाल जांबा ने कहा कि एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और सुरक्षित पर्यावरण की सबसे बड़ी सौगात है। पौधारोपण केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक पेड़ मां के नाम अभियान को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा में पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक पूंडरी विधानसभा क्षेत्र में एक लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बच्चे के जन्म, जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ तथा अन्य शुभ अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
इस अवसर पर पूंडरी विधायक सतपाल जांबा, डीसी अपराजिता, पूर्व विधायक कुलवंत बाजीगर, जिला परिषद के चेयरमैन कर्मवीर कौल, लेबरफेड के चेयरमैन देवेंद्र पांचाल, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्योति सैनी, जिला परिषद के सीईओ सुरेश राविश, निधि मोहन, डीएफओ भूपेंद्र राघव, बीडीपीओ राज सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, विद्यार्थी तथा ग्रामीण उपस्थित रहे।
पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाले बुजुर्ग को किया सम्मानित
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने वाले तथा पिछले कई सालों से पौधारोपण करने वाले गांव किच्छाना निवासी बुजुर्ग राजपाल को मंत्री राजेश नागर द्वारा एक लाख रुपये और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण विषय पर निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को भी प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।