ओल्हनपुर से जो तस्वीर सामने आई है, वह सिर्फ एक खराब सड़क की कहानी नहीं—यह सिस्टम पर बड़ा सवाल है। नगरा से गरखा फोरलेन हाईवे को जोड़ने वाला यह अहम शॉर्टकट रास्ता, जो कभी लोगों की सुविधा का जरिया था, आज हादसों का केंद्र बन चुका है। स्थानीय लोगों का आरोप है—पहले सड़क बिल्कुल ठीक थी। फिर उसे तोड़ा गया, और उसके बाद से मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति। हर महीने कोई आता है, थोड़ा गिट्टी डालता है, रोलर चलाता है और चला जाता है। लेकिन स्थायी निर्माण आज तक शुरू नहीं हुआ। देखते-देखते 6 महीने… 8 महीने… और अब लगभग 1 साल गुजर गया। ⚠️ खतरा हर कदम पर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे एक तरफ नहर, दूसरी तरफ गहरी खुदाई