प्रमंडलीय आयुक्त, सिंहभूम (कोल्हान) श्री रवि रंजन कुमार विक्रम द्वारा बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के तांतनगर प्रखंड सह अंचल कार्यालय एवं बाल विकास परियोजना कार्यालय का नियमित निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जिला पुलिस बल द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया।
निरीक्षण के दौरान पश्चिमी सिंहभूम के उप विकास आयुक्त श्री उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त श्री किस्टो कुमार बेसरा, आयुक्त के सचिव दयानंद कर्जी, अनुमंडल पदाधिकारी, सदर श्री संजय कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में प्रमंडलीय आयुक्त ने प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की विभिन्न शाखाओं तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने कार्यालय में संधारित विभिन्न पंजी, रजिस्टर एवं संचिकाओं की गहनता से जांच की। इस दौरान रोकड़ बही, आगत-निर्गत पंजी, वेतन भुगतान पंजी, आवंटन पंजी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का अवलोकन किया गया। साथ ही 15वें वित्त आयोग से संबंधित योजना पंजी एवं अभिलेखों के संधारण की भी समीक्षा की गई। अभिलेखों के संधारण एवं कार्यालयीन व्यवस्था में आवश्यक सुधार के संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रमंडलीय आयुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति, लंबित मामलों तथा उनके निष्पादन की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी लंबित कार्यों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक नागरिक को सुगम, पारदर्शी, समयबद्ध एवं नागरिक हितैषी सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
उन्होंने पदाधिकारियों एवं कर्मियों को आमजनों के साथ सहयोगात्मक, संवेदनशील एवं सकारात्मक व्यवहार सुनिश्चित करने तथा पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया। प्राप्त आवेदनों एवं प्रकरणों का नियमानुसार त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करते हुए कार्यालयीन कार्यों में जवाबदेही, पारदर्शिता एवं दक्षता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त जन शिकायतों, ऑनलाइन एवं ऑफलाइन आवेदनों तथा जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से प्राप्त परिवादों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने शिकायतों एवं लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग तथा प्रकरणवार समीक्षा करते हुए अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन समय-समय पर उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का स्थानीय भाषा एवं स्थानीय माध्यमों के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके और अधिक से अधिक पात्र लाभुक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों को और सुदृढ़ करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
बाल विकास परियोजना कार्यालय के निरीक्षण के दौरान भी संबंधित अभिलेखों, कार्यालयीन व्यवस्था एवं विभागीय कार्यों की जानकारी लेते हुए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों तक निर्धारित लाभ समय पर पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों को जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुखी कार्य संस्कृति अपनाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा सरकार की योजनाओं एवं जनसेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने हेतु प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया।