फिरोजाबाद विकास खंड के ग्राम सड़ामई स्थित संविलियन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विद्यालय में महिला कल्याण विभाग एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) द्वारा आयोजित विधिक जन जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण चेतना का अनुपम केंद्र बन गया।
कार्यक्रम में न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, बल्कि आम जनमानस को उनके विधिक, सामाजिक और मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान उपस्थित अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने ‘रेड टेप मूवमेंट’ एवं पौधरोपण करते हुए स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। साथ ही ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की शपथ ली गई और पेम्प्लेट्स का वितरण किया गया।
मुख्य वक्ताओं ने क्या कहा:
महिला कल्याण विभाग फिरोजाबाद से जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन की अधिकारी ज़िला मिशन कोऑर्डिनेटर अनम अकाशा ने महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा, “महिला सशक्तिकरण केवल नारों में नहीं, बल्कि सरकार की योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन से संभव हो रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जैसी योजनाएं बेटियों को स्वावलंबी बना रही हैं। हमें बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि समाज की ताकत बनाना होगा। सखी वन स्टॉप सेंटर हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए एक सुरक्षित विधिक रक्षा कवच है। यहां एक ही छत के नीचे विधिक सहायता, पुलिस डेस्क, चिकित्सीय सहायता, अस्थाई आश्रय और मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग निःशुल्क उपलब्ध है। पीड़ित महिलाएं हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकते हैं।” साथ ही सभी उपस्थित जनों को ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ की शपथ दिलाई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से प्रवीन कुमार शर्मा (पैरा लीगल वॉलंटियर, DLSA) ने विधिक सेवाओं और आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा, “न्याय पाना हर नागरिक का विधिक अधिकार है, चाहे वह आर्थिक रूप से कितना भी कमजोर क्यों न हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण पात्र व्यक्तियों को पूरी तरह निःशुल्क कानूनी सहायता और वकील उपलब्ध कराता है। आगामी 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में लोग बिना कोर्ट फीस के अपने लंबित दीवानी, आपराधिक, पारिवारिक एवं बैंक लोन के मामलों का आपसी समझौते से त्वरित निस्तारण करा सकते हैं। ‘बदला नहीं, फैसला करिए’ की तर्ज पर सभी को इसका लाभ उठाना चाहिए।”
महिला कल्याण विभाग से डी एच ई डब्लू स्टाफ अकाउंट अस्सिटेंट मोहिनी शर्मा ने आपातकालीन हेल्पलाइनों की जानकारी देते हुए कहा, “किसी भी संकट में महिलाएं 181 (महिला हेल्पलाइन), 1090 (वूमेन पावर लाइन), बच्चों के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन) और पुलिस इमरजेंसी 112 पर बिना किसी भय के कॉल कर सकती हैं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती है।”
सविता अग्रवाल (प्रधानाचार्या, संविलियन विद्यालय सड़ामई) ने RTE पर प्रकाश डालते हुए कहा, “6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का मौलिक अधिकार है। हमारा कर्तव्य है कि क्षेत्र के शत-प्रतिशत बच्चों का स्कूल नामांकन सुनिश्चित हो और कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।”
कार्यक्रम के अंतिम चरणों में समस्त जनमानसों की जनसुनवाई करते हुए उनकी शिकायतों को दर्ज किया गया और समाधान हेतु प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
कार्यक्रम में ग्राम प्रधान रवी कान्त शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की काउंसलर शिक्षा एवं सतीश, मुजफ्फर उल्ला खां, जितेन्द्र सिंह, अशोक कुमार, मो. काशिफ, पूजा गुप्ता, मनीषा राठौर, सुरेन्द्र सिंह, धर्मेंद्र कुमार, कु. श्रुति, राकेश देवी, अंजली, राधा रानी, इंद्रवती, मनोरमा, वेद प्रकाश अरोड़ा सहित सैकड़ों ग्रामीणों और मातृशक्ति ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।