भारत आदिवासी पार्टी का साथ छोड़कर के युवा जुड़ रहे हैं पुनः कांग्रेस में।
युवाओं को कहना है कि वहां पर दम घुट रहा है
चारों तरफ अंधेरा ही अंधेरा नजर आ रहा है
एक दूसरे की बुराई के सिवाय कुछ नहीं है,
कोई काम नहीं हो रहा है फोन करते हैं कोई नेता उठाता नहीं है, शिक्षा की कोई बात नहीं हो रही है
रोजगार की बात कोई करने के लिए तैयार नहीं है
आमजन की समस्या के लिए कोई बोलने के लिए तैयार नहीं है
तो फिर ऐसी पार्टी का क्या मतलब
यह युवाओं का कहना है मेरा नहीं
तो इस तरह से अब युवा धीरे-धीरे ही सही पर जहरीली जातिवादी और धर्मवादी विचारधाराओं को समझने लगे हैं और उनसे दूर होने लगे हैं --समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी धन्यवाद।।