गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, लखीसराय में स्टार्टअप पिच डेक निर्माण पर कार्यशाला आयोजित
लखीसराय। बिहार सरकार की बिहार स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, लखीसराय में स्टार्टअप पिच डेक निर्माण" विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को सफल स्टार्टअप में बदलने तथा निवेशकों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण देना था।
कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजू एम. तुगनायत ने किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ नवाचार और उद्यमिता का समन्वय समय की आवश्यकता है। उन्होंने छात्रों से नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार सृजक बनने और अपने नवाचारों के माध्यम से समाज व राष्ट्र के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र, लखीसराय के महाप्रबंधक रूपेश कुमार झा ने बिहार स्टार्टअप नीति के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता, इन्क्यूबेशन, मेंटरशिप और अन्य सुविधाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को अपने विचारों को स्टार्टअप के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता दयानंद कुमार मेहता (संस्थापक, स्किल दर्पण) ने प्रभावी पिच डेक तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने समस्या की पहचान, समाधान, बिजनेस मॉडल, लक्ष्य बाजार, प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त, वित्तीय योजना और निवेशकों के समक्ष प्रभावशाली प्रस्तुति के महत्वपूर्ण पहलुओं को उदाहरणों के साथ समझाया।
स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर चंदन कुमार ने बिहार स्टार्टअप कार्यक्रम के अंतर्गत उपलब्ध अवसरों, आवेदन प्रक्रिया और सहायता तंत्र की जानकारी दी। वहीं उद्योग विस्तार पदाधिकारी दिलीप कुमार ने उद्योग विभाग की विभिन्न स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने स्टार्टअप विचारों एवं पिच डेक निर्माण से जुड़े प्रश्नों पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से नवाचार आधारित उद्यम स्थापित कर बिहार के स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज के शिक्षकगण, जिला उद्योग केंद्र के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।