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अब चित्रकूट में होगा सुनियोजित विकास जिलाधिकारी ने बताई विकास की पूरी योजना, मनमाने ढंग से प्लाटिंग करने वाले हो जाएँ सचेत #Chitrakoot #chitrakootdham #development #DM
Karwi, Chitrakoot
| Sep 23, 2026
#chitrakoot
#chitrakootdham
#development
#dm
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बम विस्फोट अपडेट 23 सितंबर 2026 ।चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव में 12 सितंबर 2026 को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण बम विस्फोट
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
बम विस्फोट अपडेट 23 सितंबर 2026 ।चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र के अशोह गांव में 12 सितंबर 2026 को भाजपा नेता जगदीश गौतम के खाली प्लॉट में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण बम विस्फोट
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
एंकरिंग चित्रकूट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी का इलाज कराने अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। पीड़ित का आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसे ट्रैफिक कंट्रोल रूम ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और बाद में गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया। वहीं ट्रैफिक इंस्पेक्टर हरिराम यादव की ओर से बताया गया कि व्यक्ति शराब के नशे में था। हालांकि, वायरल वीडियो और पूरे मामले की वास्तविकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। शायरी— "वर्दी का रुतबा तभी अच्छा लगता है, जब इंसाफ का रास्ता सच्चा लगता है। जनता की मजबूरी को भी समझना होगा, कानून के साथ इंसानियत को भी रखना होगा।" सबसे भावुक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब कथित रूप से पीड़ित की पत्नी, जिसका हाथ टूटा हुआ बताया जा रहा है, दो बच्चों के साथ सड़क पर मदद की गुहार लगाती नजर आई। अब सवाल कई हैं—क्या वास्तव में व्यक्ति शराब के नशे में था? क्या पुलिस की कार्रवाई नियमों के मुताबिक हुई? और अगर महिला इलाज के लिए जा रही थी, तो क्या मानवीय दृष्टिकोण से पुलिस को मामले को समझने की जरूरत नहीं थी? शायरी— "मुश्किल में जो साथ दे, वही अपना कहलाता है, दर्द समझने वाला ही इंसान कहलाता है। कानून जरूरी है, मगर इतना भी नहीं, कि इंसानियत का रास्ता ही बंद हो जाए कहीं।" वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब जनता की नजरें चित्रकूट पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। मामले में पुलिस की ओर से क्या आधिकारिक पक्ष सामने आता है और जांच में क्या सच्चाई निकलकर आती है, यह आने वाला वक्त बताएगा। क्योंकि शाम का वक्त वह समय होता है, जब नौकरी-पेशा लोग अपने काम से लौटकर परिवार की जरूरतों और इलाज के लिए निकलते हैं। ऐसे में पुलिस की हर कार्रवाई में कानून के साथ-साथ परिस्थितियों को समझना भी बेहद जरूरी है। शायरी— "सत्ता हो या वर्दी, जिम्मेदारी बड़ी होती है, जनता की उम्मीद हमेशा खड़ी होती है। एक फैसला दिल जीत सकता है हजारों का, और एक गलती सवाल खड़े कर सकती है पूरे सिस्टम पर।" अब उम्मीद यही है कि चित्रकूट पुलिस प्रशासन वायरल वीडियो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा। अगर कहीं पुलिसकर्मियों की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनुचित व्यवहार सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक और विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। कैमरे के पीछे से लेकर खबर की हर अपडेट तक, हम रखेंगे आप तक पूरी जानकारी।
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
चित्रकूट । निषाद आरक्षण के मुद्दे को लेकर विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी चित्रकूट पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया। चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान निषाद समाज के लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर आरक्षण और अपने हक-अधिकार के लिए संकल्प लिया। मुकेश सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण संकल्प अभियान लगातार जारी है और यह अभियान 30 नवंबर तक गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। सहनी के मुताबिक, अभियान के तहत निषाद समाज के लोगों को आरक्षण के मुद्दे पर जागरूक किया जा रहा है और उनका लक्ष्य करीब 50 लाख लोगों को इस संकल्प अभियान से जोड़ना है। मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार और आने वाली पीढ़ी के सामाजिक अवसरों से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद आरक्षण के मुद्दे पर ठोस पहल करने की मांग रखी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को लेकर भी मुकेश सहनी ने सवाल उठाए और कहा कि सरकार में रहते हुए उन्हें निषाद समाज के आरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए। सहनी ने निषाद समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा— “एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए।” मुकेश सहनी ने साफ कहा कि निषाद समाज के हक और अधिकार की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी। अब देखना होगा कि 30 नवंबर तक चलने वाले इस संकल्प अभियान के बाद वीआईपी की अगली राजनीतिक रणनीति क्या होती है। फिलहाल चित्रकूट में मुकेश सहनी के दौरे और निषाद आरक्षण को लेकर लिए गए संकल्प ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज कर दी है।
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
एंकरिंग चित्रकूट से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है… जहां ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति अपनी पत्नी का इलाज कराने अस्पताल जा रहा था। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। पीड़ित का आरोप है कि उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि उसकी पत्नी की तबीयत खराब है और वह इलाज के लिए जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद उसे ट्रैफिक कंट्रोल रूम ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि वहां उसके साथ मारपीट की गई और बाद में गाड़ी में बैठाकर कोतवाली ले जाया गया। वहीं ट्रैफिक इंस्पेक्टर हरिराम यादव की ओर से बताया गया कि व्यक्ति शराब के नशे में था। हालांकि, वायरल वीडियो और पूरे मामले की वास्तविकता की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। शायरी— "वर्दी का रुतबा तभी अच्छा लगता है, जब इंसाफ का रास्ता सच्चा लगता है। जनता की मजबूरी को भी समझना होगा, कानून के साथ इंसानियत को भी रखना होगा।" सबसे भावुक तस्वीर उस वक्त सामने आई, जब कथित रूप से पीड़ित की पत्नी, जिसका हाथ टूटा हुआ बताया जा रहा है, दो बच्चों के साथ सड़क पर मदद की गुहार लगाती नजर आई। अब सवाल कई हैं—क्या वास्तव में व्यक्ति शराब के नशे में था? क्या पुलिस की कार्रवाई नियमों के मुताबिक हुई? और अगर महिला इलाज के लिए जा रही थी, तो क्या मानवीय दृष्टिकोण से पुलिस को मामले को समझने की जरूरत नहीं थी? शायरी— "मुश्किल में जो साथ दे, वही अपना कहलाता है, दर्द समझने वाला ही इंसान कहलाता है। कानून जरूरी है, मगर इतना भी नहीं, कि इंसानियत का रास्ता ही बंद हो जाए कहीं।" वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब जनता की नजरें चित्रकूट पुलिस प्रशासन पर टिकी हैं। मामले में पुलिस की ओर से क्या आधिकारिक पक्ष सामने आता है और जांच में क्या सच्चाई निकलकर आती है, यह आने वाला वक्त बताएगा। क्योंकि शाम का वक्त वह समय होता है, जब नौकरी-पेशा लोग अपने काम से लौटकर परिवार की जरूरतों और इलाज के लिए निकलते हैं। ऐसे में पुलिस की हर कार्रवाई में कानून के साथ-साथ परिस्थितियों को समझना भी बेहद जरूरी है। शायरी— "सत्ता हो या वर्दी, जिम्मेदारी बड़ी होती है, जनता की उम्मीद हमेशा खड़ी होती है। एक फैसला दिल जीत सकता है हजारों का, और एक गलती सवाल खड़े कर सकती है पूरे सिस्टम पर।" अब उम्मीद यही है कि चित्रकूट पुलिस प्रशासन वायरल वीडियो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा। अगर कहीं पुलिसकर्मियों की ओर से नियमों का उल्लंघन या अनुचित व्यवहार सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होगी। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस का आधिकारिक और विस्तृत पक्ष सामने आना बाकी है। कैमरे के पीछे से लेकर खबर की हर अपडेट तक, हम रखेंगे आप तक पूरी जानकारी।
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026
Karwi, Chitrakoot | Sep 23, 2026