चित्रकूट । निषाद आरक्षण के मुद्दे को लेकर विकासशील इंसान पार्टी के संस्थापक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी चित्रकूट पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया।
चित्रकूट में आयोजित कार्यक्रम के दौरान निषाद समाज के लोगों ने हाथ में गंगाजल लेकर आरक्षण और अपने हक-अधिकार के लिए संकल्प लिया।
मुकेश सहनी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निषाद आरक्षण संकल्प अभियान लगातार जारी है और यह अभियान 30 नवंबर तक गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा।
सहनी के मुताबिक, अभियान के तहत निषाद समाज के लोगों को आरक्षण के मुद्दे पर जागरूक किया जा रहा है और उनका लक्ष्य करीब 50 लाख लोगों को इस संकल्प अभियान से जोड़ना है।
मुकेश सहनी ने कहा कि निषाद आरक्षण का मुद्दा केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, रोजगार और आने वाली पीढ़ी के सामाजिक अवसरों से भी जुड़ा हुआ है।
उन्होंने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले निषाद आरक्षण के मुद्दे पर ठोस पहल करने की मांग रखी।
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद को लेकर भी मुकेश सहनी ने सवाल उठाए और कहा कि सरकार में रहते हुए उन्हें निषाद समाज के आरक्षण के लिए प्रयास करना चाहिए।
सहनी ने निषाद समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा—
“एक रोटी कम खाइए, लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाइए।”
मुकेश सहनी ने साफ कहा कि निषाद समाज के हक और अधिकार की लड़ाई लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगी।
अब देखना होगा कि 30 नवंबर तक चलने वाले इस संकल्प अभियान के बाद वीआईपी की अगली राजनीतिक रणनीति क्या होती है।
फिलहाल चित्रकूट में मुकेश सहनी के दौरे और निषाद आरक्षण को लेकर लिए गए संकल्प ने राजनीतिक हलकों में चर्चा जरूर तेज कर दी है।