Public App Logo
Jansamasya
Kajol
हादसा
News
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
Congress
Modi
Delhi
Viral
Crime
Jharkhand
Up
Bollywood
दिल्ली
Breakingnews
Nitishkumar
Madhya_pradesh
Mp
Nsui
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Actor
Haryana
Uttarpradesh

बांदा में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: 1065 गाड़ियों की जांच, बिना कागज मिले 10 ट्रक थाने भेजे, 7.37 लाख का जुर्माना

Banda, Banda | Jun 2, 2026

MORE NEWS

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी 🌿
बांदा। जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी को बचाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में शुरू हुई भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, सूखते जलस्रोतों और तेजी से घटते वन क्षेत्र के विरोध में यह जनआंदोलन चलाया जा रहा है।
इस दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने जनमानस से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन होने के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
जयराम सिंह समाजसेवी ने इस बारे में जनता से क्या अपील की है, यह जानने के लिए वीडियो अवश्य देखें।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने कहा कि बांदा जनपद में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय आपदाओं का सामना करना पड़ेगा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण तथा केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
🌱 आइए, अपनी धरती और प्रकृति को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
"जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
— ए. एस. नोमानी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड इंसाफ सेना
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना की भूख हड़ताल दूसरे दिन भी जारी 🌿 बांदा। जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी को बचाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड इंसाफ सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में शुरू हुई भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, सूखते जलस्रोतों और तेजी से घटते वन क्षेत्र के विरोध में यह जनआंदोलन चलाया जा रहा है। इस दौरान समाजसेवी जयराम सिंह ने जनमानस से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है। निर्धारित मानकों से अधिक खनन होने के कारण पर्यावरण संतुलन बिगड़ रहा है, जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है और आम जनता का जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। जयराम सिंह समाजसेवी ने इस बारे में जनता से क्या अपील की है, यह जानने के लिए वीडियो अवश्य देखें। राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी ने कहा कि बांदा जनपद में पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के लिए आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट, प्रदूषण और पर्यावरणीय आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण तथा केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने, उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाने और उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। 🌱 आइए, अपनी धरती और प्रकृति को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 जल, जंगल, पहाड़, तालाब और नदियाँ हमारे जीवन का आधार हैं। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" — ए. एस. नोमानी राष्ट्रीय अध्यक्ष, बुंदेलखंड इंसाफ सेना #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ
#पर्यावरण_संरक्षण

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #पर्यावरण_संरक्षण

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥
🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿
बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है।
वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों।
🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है।
🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं।
✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ
#केन_नदी_बचाओ
#बुंदेलखंड_बचाओ
#अवैध_खनन_बंद_करो
#तालाब_बचाओ

🔥 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को बुंदेलखंड इंसाफ सेना का भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी 🔥 🌿 जन-जन से अपील — जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी बचाने की इस मुहिम में सहभागी बनें 🌿 बांदा जनपद में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार हो रही वनों की कटाई तथा जल स्रोतों पर बढ़ते संकट के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना द्वारा जन आंदोलन चलाया जा रहा है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में भूख हड़ताल लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के नियमों का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित मानकों से अधिक खनन किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण और जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो रहा है। वहीं ए. एस. नोमानी ने मांग की कि बांदा जनपद में आगामी 10 वर्षों तक खनन गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष केवल वर्तमान समस्याओं के समाधान के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य, स्वच्छ पर्यावरण, हरियाली, जल संरक्षण और केन नदी के अस्तित्व की रक्षा के लिए भी है। साथ ही बुंदेलखंड के तालाबों को संरक्षित करने और उन पर हो रहे अवैध कब्जों को हटाकर उन्हें मुक्त कराने की भी मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है। 🌱 आइए, अपनी धरती, जल स्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने के लिए एकजुट हों। 🌱 आपकी सहभागिता ही इस जनआंदोलन की सबसे बड़ी शक्ति है। 🌱 जल, जंगल, पहाड़ और नदियाँ केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारे जीवन और भविष्य का आधार हैं। ✨ "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" ✨ #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ

Banda, Banda | Jun 2, 2026

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को भूख हड़ताल शुरू 🌿
बांदा में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार कटते जंगलों और सूखते जलस्रोतों के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने जनआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में अशोक लाट तिराहा, बांदा में भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि बुंदेलखंड की जीवनरेखा हैं। यदि इन्हें नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट, पर्यावरणीय असंतुलन और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने जल, जंगल और पहाड़ों की रक्षा के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
🌱 समाजसेवी जयराम सिंह ने जनता से क्या महत्वपूर्ण अपील की है, यह जानने के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें।
आंदोलनकारियों ने केन नदी की रक्षा, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने, हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए है।
🌿 आइए, हम सभी मिलकर अपनी धरती, अपने जलस्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने का संकल्प लें।
"जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
#जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #SaveEnvironment #SaveKenRiver #UP90Creator

🌿 बांदा में जल, जंगल, पहाड़ और केन नदी बचाने को भूख हड़ताल शुरू 🌿 बांदा में बढ़ते अवैध खनन, बेकाबू वायु प्रदूषण, भीषण गर्मी, लगातार कटते जंगलों और सूखते जलस्रोतों के खिलाफ बुंदेलखंड इंसाफ सेना ने जनआंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए. एस. नोमानी के नेतृत्व में अशोक लाट तिराहा, बांदा में भूख हड़ताल एवं धरना प्रदर्शन शुरू किया गया है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जल, जंगल, पहाड़, तालाब और केन नदी केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं हैं, बल्कि बुंदेलखंड की जीवनरेखा हैं। यदि इन्हें नहीं बचाया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट, पर्यावरणीय असंतुलन और प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस अवसर पर समाजसेवी जयराम सिंह ने कहा कि खनन कार्यों में पर्यावरणीय नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र का पारिस्थितिक संतुलन बिगड़ रहा है। उन्होंने जल, जंगल और पहाड़ों की रक्षा के लिए जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। 🌱 समाजसेवी जयराम सिंह ने जनता से क्या महत्वपूर्ण अपील की है, यह जानने के लिए पूरा वीडियो अवश्य देखें। आंदोलनकारियों ने केन नदी की रक्षा, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराने, हरियाली बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि यह संघर्ष केवल आज के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए है। 🌿 आइए, हम सभी मिलकर अपनी धरती, अपने जलस्रोतों, जंगलों, पहाड़ों, तालाबों और नदियों को बचाने का संकल्प लें। "जब प्रकृति बचेगी, तभी भविष्य सुरक्षित रहेगा।" #जल_जंगल_पहाड़_बचाओ #केन_नदी_बचाओ #बुंदेलखंड_बचाओ #अवैध_खनन_बंद_करो #तालाब_बचाओ #SaveEnvironment #SaveKenRiver #UP90Creator

Banda, Banda | Jun 2, 2026

बांदा में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: 1065 गाड़ियों की जांच, बिना कागज मिले 10 ट्रक थाने भेजे, 7.37 लाख का जुर्माना - Banda News