पेड़ लगाना ही नहीं, उन्हें बचाना भी उतना ही ज़रूरी है — ए. एस. नोमानी
जनपद बाँदा में लगभग 60 लाख पौधे लगाने का अभियान निश्चित रूप से एक सराहनीय और स्वागतयोग्य पहल है। इससे हरियाली बढ़ेगी, पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण का लाभ मिलेगा।
लेकिन इसके साथ एक महत्वपूर्ण प्रश्न भी जुड़ा है—
पौधे तो लगा दिए जाएंगे, उनकी देखभाल कौन करेगा?
उनकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी किसकी होगी?
यदि समय पर पौधों को पानी, सुरक्षा और नियमित रखरखाव नहीं मिला, तो उनमें से कितने पौधे वास्तव में जीवित रह पाएंगे?
सिर्फ पौधारोपण के आँकड़े बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। अभियान की वास्तविक सफलता तब होगी, जब लगाए गए पौधे विकसित होकर घने और मजबूत वृक्ष बनें।
इसलिए आवश्यक है कि प्रत्येक पौधे की देखभाल के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए, नियमित निगरानी की व्यवस्था हो तथा ग्राम पंचायतों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
पेड़ लगाना एक अच्छी शुरुआत है, लेकिन उन्हें जीवित रखना ही सच्ची पर्यावरण सेवा और प्रकृति के प्रति वास्तविक जिम्मेदारी है।
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Banda, Banda | Jul 12, 2026