ज्ञान भारतम मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के दौरान बेगूसराय जिले के बरौनी स्थित मौलाना इसहाक उर्दू लाइब्रेरी में लगभग 350 वर्ष पुरानी दुर्लभ अरबी हस्तलिखित पांडुलिपि “तिरमिज़ी शरीफ” की पहचान की गई है। यह पांडुलिपि सैय्यद अख़्तर हुसैन के निजी संग्रह में सुरक्षित है और क़ुरान एवं हदीस से संबंधित महत्वपूर्ण धार्मिक ग्रंथ मानी जाती है।
जिला पदाधिकारी श्री श्रीकांत शास्त्री ने पांडुलिपि का अवलोकन कर इसके संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के निर्देश दिए। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर बताते हुए नागरिकों से भी अपने पास उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों एवं दुर्लभ दस्तावेजों की जानकारी साझा करने की अपील की।
यह खोज बेगूसराय की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
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