हरियाणा गुरुग्राम खबर:- सलापता चल रहे दोनों कांग्रेस जिलाध्यक्ष वापस लौट आए हैं और उन्हें मौके पर ही जमानत मिल गई है। 21 अगस्त को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के काफिले को काले झंडे दिखाने के बाद से शहरी जिलाध्यक्ष पंकज डावर और ग्रामीण जिलाध्यक्ष वर्धन राव (वर्धन यादव) गायब/अंडरग्राउंड चल रहे थे।
डीसीपी दफ्तर में किया आत्मसमर्पण:- 24 अगस्त (सोमवार) की देर रात दोनों जिलाध्यक्ष अपने 5 वकीलों के साथ सीधे डीसीपी (वेस्ट) करण गोयल के दफ्तर पहुंचे, जहाँ औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें मौके से ही जमानत दे दी गई।
21 अगस्त को गुरुग्राम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद पुलिस ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने और सरकारी काम में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया था। पुलिस का कहना था कि दोनों नेता गायब नहीं थे, बल्कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार (absconding) चल रहे थे।
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