सरकार ने छात्र सुरक्षा के नाम पर ऐसी गाइडलाइन जारी की है, जिसमें स्कूल परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं, गाइडलाइन की अवहेलना करने पर गंभीर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
सरकार का आदेश स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि वह स्कूलों की वास्तविक स्थिति
को सामने आने से रोकना चाहती है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने
के बजाय मीडिया और अन्य लोगों को कवरेज से रोकना सरकार की नीयत पर
गंभीर सवाल खड़े करता है।
जनता समझदार है और सरकार की मंशा समझ चुकी है।