हजारीबाग की 5000 साल पुरानी सोहराय लोककला अब गांव और गुफाओं से निकलकर शहर की दीवारों पर दिख रही है। नगर निगम ने समाहरणालय और अपने कार्यालय की चारदिवारी पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह पेंटिंग बनाई है। जीआई टैग प्राप्त सोहराय कला वन्यजीव और प्रकृति को दर्शाती है। कलाकारों व प्रशासन का मानना है कि इससे शहर सुंदर होगा