हरिद्वार। चंडी देवी रोपवे के पास मिले अज्ञात महिला के शव की गुत्थी को सुलझाते हुए हरिद्वार पुलिस ने एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है। एसएसपी नवनीत सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि करीब 25 दिनों की लगातार मेहनत, 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज, लाखों मोबाइल नंबरों और एसआईआर डाटा के विश्लेषण के बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
10 मई 2026 को थाना श्यामपुर क्षेत्र में चंडी देवी मंदिर के रोपवे के समीप बंद पड़े पैदल मार्ग के पास झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला शव मिला था। शव के पास दो कुंडल, टूटा मंगलसूत्र, सफेद गमछा और गले में कसकर बंधा ब्लाउज बरामद हुआ था। शव की स्थिति इतनी खराब थी कि उसकी पहचान करना लगभग असंभव था।
एसएसपी नवनीत सिंह के निर्देशन में एसपी क्राइम निशा यादव की निगरानी में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस के सामने दो चुनौतियां थीं—मृतका की पहचान और हत्यारों तक पहुंचना। महिला के हाथों पर बने टैटू, तकनीकी जांच और विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से सुराग जुटाए गए, लेकिन शुरुआती 72 घंटे में पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद पुलिस स्वयं वादी बनते हुए अज्ञात हत्यारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
टीम ने 1 मई से 10 मई तक पांच किलोमीटर के दायरे में लगे कैमरों की फुटेज खंगाली। 1.64 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया। इसी दौरान 8 मई की सीमित फुटेज में तीन पुरुषों के साथ एक महिला चंडी देवी की ओर जाते दिखाई दी, जबकि लौटते समय महिला उनके साथ नहीं थी। जांच की कड़ियां उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंचीं।
पुलिस टीम करीब 700 किलोमीटर दूर बुंदेलखंड पहुंची और तीन संदिग्धों—रामप्रकाश उर्फ गोविंदा, राकेश और छेदीलाल—को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में सामने आया कि मृतका कौशल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा थी और उसका रामप्रकाश से प्रेम संबंध था। पहले से शादीशुदा रामप्रकाश पर कौशल्या विवाह का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर उसने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
आरोपियों ने कौशल्या को चंडी देवी दर्शन कराने के बहाने हरिद्वार बुलाया और गला घोंटकर हत्या कर दी। शव को सुनसान स्थान पर फेंककर पहचान मिटाने की कोशिश की गई, लेकिन हरिद्वार पुलिस की तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों ने आरोपियों की योजना को विफल कर दिया।
गिरफ्तार आरोपी
1. राकेश पुत्र राजा, निवासी ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, बांदा (उ.प्र.), उम्र 25 वर्ष।
2. रामप्रकाश उर्फ गोविंदा पुत्र राजा, निवासी ग्राम ग्योडीबाबा, थाना कोतवाली नगर, बांदा (उ.प्र.), उम्र 20 वर्ष।
3. छेदीलाल पुत्र ईशूरी प्रसाद, निवासी ग्राम काहला गंछा, थाना कोतवाली नगर, बांदा (उ.प्र.), उम्र 24 वर्ष।
बरामदगी
तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन
एक पिट्ठू बैग
इस उल्लेखनीय सफलता पर पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परिक्षेत्र ने पुलिस टीम को ₹5,000 तथा एसएसपी हरिद्वार ने ₹2,500 के पुरस्कार की घोषणा की है। हरिद्वार पुलिस की इस तकनीकी और सूक्ष्म विवेचना को एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
Hardoi, Hardoi | Jun 7, 2026