डीपीआरओ कार्यालय हंगामे पर गाजीपुर में ग्रामीणों ने रखी अपनी बात, प्रधान विक्रम प्रताप सिंह के समर्थन में आए कई लोग
11 दुकानों के निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, प्रधान ने बताया रोजगार सृजन की पहल
ग्रामीणों के दावों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग, शिकायतकर्ता का पक्ष और प्रशासनिक कार्रवाई अहम
फतेहपुर | 18 अक्टूबर 2026 | ND NEWS, दैनिक निष्पक्ष धारा
फतेहपुर। विकास भवन स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) कार्यालय में दो दिन पहले हुए हंगामे और गाजीपुर के ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह पर लगाए गए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच स्थानीय लोगों के बयान सामने आए हैं। एक स्थानीय रिपोर्ट में कई ग्रामीणों ने प्रधान के कार्यकाल में विकास कार्य होने की बात कही, जबकि कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता अजय प्रताप सिंह उर्फ जब्बार सिंह पर पैसे मांगने के आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और शिकायतकर्ता का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
प्रधान बोले—रोजगार बढ़ाने के लिए बनवाईं दुकानें
ग्राम प्रधान विक्रम प्रताप सिंह ने बातचीत में आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना है कि पंचायत भवन नजूल भूमि पर स्थित है और वहां बनी 11 दुकानों का उद्देश्य स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना तथा ग्रामसभा की आय बढ़ाना है।
प्रधान के मुताबिक, पहले परिसर में अवैध कब्जे और गुमटियां थीं, जिन्हें हटाकर व्यवस्था सुधारने की कोशिश की गई। उन्होंने पूरे विवाद को पुरानी और चुनावी रंजिश से जोड़ते हुए कहा कि वह मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगे।
ग्रामीणों ने विकास कार्यों का किया उल्लेख
रिपोर्ट में भोला प्रसाद विश्वकर्मा, पिंटू सिंह चौहान, रवि सोनी और सुभाष चंद्र शर्मा सहित कुछ स्थानीय लोगों ने प्रधान के कार्यों पर संतोष जताया। उनका कहना था कि क्षेत्र में सड़क और अन्य विकास कार्य दिखाई देते हैं। कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता पर धन मांगने के आरोप भी लगाए, लेकिन इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय लोगों की राय मामले का एक पक्ष सामने रखती है। इससे भ्रष्टाचार संबंधी आरोप स्वतः गलत या सही साबित नहीं होते। दुकानों के निर्माण, आवंटन, खर्च और भूमि की स्थिति की पुष्टि संबंधित सरकारी अभिलेखों से ही हो सकती है।
जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
डीपीआरओ कार्यालय में हुए हंगामे और ज्वलनशील पदार्थ के इस्तेमाल की कोशिश से जुड़े घटनाक्रम की आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों, प्रधान के जवाब और ग्रामीणों के बयानों की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। संबंधित विभाग को दुकानों के निर्माण, धनराशि, आवंटन प्रक्रिया और विकास कार्यों के अभिलेखों की जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।
ND NEWS की अपील
जनहित में हमारी अपील है कि किसी भी पक्ष के आरोपों को जांच से पहले अंतिम सत्य न मानें। ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता, सार्वजनिक धन का सही उपयोग और शिकायतों की निष्पक्ष सुनवाई लोकतंत्र की बुनियाद हैं। प्रशासन सभी पक्षों को सुनकर साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करे। किसी भी विवाद में हिंसा या ज्वलनशील पदार्थ का इस्तेमाल करने के बजाय कानूनी प्रक्रिया अपनाएं।
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🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा
मुख्य संपादक/संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा
सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया
रिपोर्ट: फतेहपुर जिला ब्यूरो
📅 दिनांक: 18 अक्टूबर 2026
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संकल्प: निष्पक्ष पत्रकारिता, जनहित सर्वोपरि।
डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट उपलब्ध सामग्री और संबंधित लोगों के बयानों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना शेष है। सभी पक्षों का पक्ष लेकर निष्पक्ष जांच आवश्यक है।