- नालसा की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं अधिवक्ता व अधिकार मित्र: सीजेएम पवन कुमार
- 21 नवंबर को चेक बाउंस मामलों को लेकर लगेगी स्पेशल लोक अदालत
भिवानी, 16 अक्टूबर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) डॉ. गगनदीप कौर सिंह के निर्देशानुसार तथा मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सचिव डीएलएसए पवन कुमार की अध्यक्षता में एडीआर सेंटर के कॉन्फ्रेंस हॉल में मासिक कार्यशाला एवं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विधिक जागरूकता, नालसा की योजनाओं के प्रचार-प्रसार तथा विभिन्न कानूनी प्रावधानों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर चर्चा की गई।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि नालसा की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिवक्ताओं और अधिकार मित्रों से आह्वान किया कि वे आमजन को उनके कानूनी अधिकारों और उपलब्ध नि:शुल्क विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करें, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर न्याय मिल सके। उन्होंने बताया कि 21 नवंबर को चेक बाउंस के मामलों को लेकर स्पेशल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने संबंधित पक्षों को लोक अदालत के माध्यम से मामलों का आपसी सहमति से निपटारा करवाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।
बैठक के दौरान सीजेएम पवन कुमार ने अधिवक्ताओं एवं अधिकार मित्रों से फील्ड में कार्य करते समय आने वाली समस्याओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने उनकी समस्याओं को सुना और प्रभावी ढंग से विधिक सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता अनुराधा ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीडऩ (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 तथा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं के अधिकारों, कानूनी संरक्षण और शिकायत निवारण की प्रक्रिया के बारे में बताया।
वहीं, पैनल अधिवक्ता गौतम ने मानव-वन्यजीव संघर्ष के पीड़ितों के लिए न्याय तक पहुंच विषय पर नालसा की वर्ष 2025 की योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने योजना के उद्देश्यों तथा पीड़ितों को न्याय और विधिक सहायता उपलब्ध करवाने से जुड़े पहलुओं पर प्रकाश डाला।
इसके अतिरिक्त पैनल अधिवक्ता तरन्नुम ने किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम की प्रमुख विशेषताओं के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बच्चों की देखभाल, संरक्षण और उनके हितों की रक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी।
बैठक में पैनल अधिवक्ताओं, अधिकार मित्रों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यशाला का उद्देश्य कानूनी जानकारी को अधिक प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाना और विधिक सेवा गतिविधियों को बेहतर बनाना रहा।
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