चित्तौड़गढ़ में ज्ञान गंगा महोत्सव का भव्य आयोजन
आचार्य पुलक सागर जी के अमृतवचनों से भाव-विभोर हुए हजारों श्रद्धालु, नशा मुक्ति पुस्तिका का हुआ विमोचन।
दैनिक वीरधरा राजस्थान।
चित्तौड़गढ़।विद्यासागर मांगलिक धाम में सकल दिगंबर जैन समाज द्वारा आयोजित 'ज्ञान गंगा महोत्सव' रविवार को श्रद्धा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का विराट उत्सव बन गया। धर्मसभा में उमड़े हजारों श्रद्धालुओं के बीच राष्ट्रीय संत आचार्य 108 श्री पुलक सागर जी महाराज ने अपने ओजस्वी, तार्किक और जीवन को नई दिशा देने वाले प्रवचनों से हर श्रोता के मन को झकझोर दिया। उनके प्रेरक विचारों पर पूरा पांडाल बार-बार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
आचार्य श्री ने कहा कि "माता-पिता हमें इस संसार में जन्म देते हैं, लेकिन सद्गुरु मनुष्य को जीते-जी दूसरा जन्म देकर उसके जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताते हैं।" उन्होंने युवाओं से अपने संस्कारों को बचाए रखने और परिवार को जोड़कर रखने का आह्वान करते हुए कहा कि धन से बड़ा परिवार का प्रेम और विश्वास होता है।
आचार्य श्री ने पारिवारिक विवादों पर चिंता व्यक्त करते हुए माता-पिता से जीवनकाल में ही अपनी संपत्ति का स्पष्ट बंटवारा और वसीयत तैयार करने का आग्रह किया, ताकि आने वाली पीढ़ियां अदालतों और आपसी कटुता से बच सकें।
इस पावन प्रसंग पर विभिन्न मांगलिक क्रियाएं अत्यंत विधि-विधान और उत्साह के साथ संपन्न हुईं, जिनमें समाज के प्रबुद्ध जनों ने सहभागिता की।
मिडिया प्रभारी चंद्रेश जैन ने बताया कि आचार्य श्री के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सांसद सीपी जोशी, विधायक चंद्रभान सिंह आक्या, ओम शर्मा, रवि विरानी और नवीन पटवारी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, समाजजन और श्रद्धालु मौजूद रहे।
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