बक्सवाहा में सार्वजनिक तालाब पर अतिक्रमण का आरोप: ग्रामीणों ने पटवारी पर पक्षपात का आरोप लगाया, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
बक्सवाहा। जनपद क्षेत्र के ग्राम जेतुपुरा में सार्वजनिक तालाब पर अतिक्रमण किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव में पशुओं के पानी पीने के लिए केवल एक ही सार्वजनिक तालाब है, जिस पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। इससे पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि तालाब की भूमि के सीमांकन के दौरान हल्का पटवारी केदार प्रजापति ने निष्पक्षता नहीं बरती और अतिक्रमणकारियों को लाभ पहुंचाने का काम किया। आरोप है कि सीमांकन के बाद तालाब तक पहुंचने का रास्ता भी प्रभावित हो गया है, जिससे ग्रामीणों और पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सार्वजनिक उपयोग की इस संपत्ति पर लगातार कब्जा बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो गांव के पशुओं के सामने पेयजल संकट खड़ा हो सकता है।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, दोबारा सीमांकन कराने और तालाब की भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
तालाब की भूमि का दोबारा निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए।
सार्वजनिक तालाब से अतिक्रमण तत्काल हटाया जाए।
मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
पशुओं के लिए तालाब तक पहुंच का रास्ता सुरक्षित किया जाए।
तहसील प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।