150 किलो के श्रद्धालु को 500 मीटर गहरी खाई से निकालने में बचाव दल के छूटे पसीने
मूसलाधार बारिश और फिसलन भरे रास्ते में फायर यूनिट गोपेश्वर ने पेश की बहादुरी की मिसाल, पांच किमी पैदल चलकर घायल को पहुंचाया अस्पताल
रुद्रनाथ ट्रैक पर घोड़े से गिरकर 500 मीटर गहरी खाई में पहुंचे 150 किलो वजनी श्रद्धालु को फायर यूनिट गोपेश्वर की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। मूसलाधार बारिश, कड़ाके की ठंड और बेहद संकरे व फिसलन भरे रास्तों के बीच करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे जवानों को घायल को खाई से निकालने और मुख्य ट्रैक तक पहुंचाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। फायर कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर श्रद्धालु की जान बचाई।
चमोली पुलिस के अनुसार, 27 सितंबर की सुबह करीब 4:40 बजे जिला नियंत्रण कक्ष (डीसीआर) चमोली को रुद्रनाथ ट्रैक के पुग बुग्याल क्षेत्र में एक श्रद्धालु के खाई में गिरने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा के नेतृत्व में फायर यूनिट गोपेश्वर तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम ने अपना वाहन सगर में खड़ा किया और वहां से करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर घटनास्थल पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार, चेन्नई, तमिलनाडु निवासी 36 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र श्री श्रीकांत रात्रि करीब 12 बजे घोड़े से गिरकर मुख्य ट्रैक मार्ग से लगभग 500 मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरे थे। फायर कर्मियों ने खाई में उतरकर घायल श्रद्धालु तक पहुंच बनाई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रोप की मदद से स्ट्रेचर में बांधकर सुरक्षित मुख्य ट्रैक मार्ग तक पहुंचाया।
### 150 किलो वजन, संकरा रास्ता और मूसलाधार बारिश बनी चुनौती
घायल श्रद्धालु का वजन करीब 150 किलो होने के कारण रेस्क्यू अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। फायर कर्मियों ने घायल को चारपाई पर रोप की सहायता से सुरक्षित बांधा और बेहद संकरे व फिसलन भरे रास्ते से करीब पांच किलोमीटर पैदल सगर तक पहुंचाया। इस दौरान लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और कड़ाके की ठंड के बीच जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन टीम ने हिम्मत नहीं हारी।
सगर पहुंचने पर घायल के परिजन और साथी भी मौजूद मिले। इसके बाद फायर यूनिट ने घायल को वाहन से राजकीय जिला चिकित्सालय चमोली पहुंचाकर उपचार के लिए भर्ती कराया। घायल के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर की आशंका है, जबकि उनकी अन्य स्थिति सामान्य बताई गई है।
### परिजनों की आंखों से छलके आंसू, फायर कर्मियों का जताया आभार
रेस्क्यू के बाद परिजनों से बातचीत के दौरान घायल श्रद्धालु भावुक हो गए। परिजनों ने फायर कर्मियों का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने उनके परिजन की जान बचाकर बहुत बड़ा उपकार किया है। फायर यूनिट के इस साहसिक और सराहनीय कार्य की अधिकारियों, श्रद्धालुओं और आमजन ने प्रशंसा की।
फायर यूनिट गोपेश्वर की टीम में लीडिंग फायरमैन अतर सिंह राणा, चालक नरेश सिंह, फायरमैन भरत कुमार, अरविंद सिंह, प्रेम प्रकाश और सूरज सिंह राणा शामिल रहे।
फायर यूनिट गोपेश्वर ने विषम परिस्थितियों में रेस्क्यू कर चमोली पुलिस का मान बढ़ाया। जवानों ने साबित किया कि सेवा और सुरक्षा का दायित्व निभाते हुए किसी की जान बचाना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है।
जाको राखे साइयां, मार सके न कोय।