➡️ एकात्म मानव दर्शन में व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की अवधारणा : श्री नागर
➡️ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर विकासखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती के अवसर पर मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा विकासखंड स्तरीय कार्यशाला एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यशाला में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन, विचारों और एकात्म मानव दर्शन पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री मोहन नागर उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानव दर्शन को विस्तारपूर्वक समझाते हुए कहा कि यह दर्शन व्यक्ति को केवल आर्थिक इकाई के रूप में नहीं देखता, बल्कि उसके शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा के समग्र विकास की बात करता है।
उपाध्यक्ष श्री नागर ने साम्यवाद, पूंजीवाद और भारतीय दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए कहा कि विभिन्न विचारधाराओं ने मानव जीवन और समाज की व्यवस्था को अलग-अलग दृष्टिकोण से समझाया है। भारतीय दर्शन की विशेषता यह है कि वह व्यक्ति के साथ-साथ परिवार, समाज, राष्ट्र और संपूर्ण सृष्टि के कल्याण को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय चिंतन में विकास का अर्थ केवल आर्थिक उन्नति नहीं है। विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना, पर्यावरण संरक्षण, मानवीय संवेदनाएं और अंतिम व्यक्ति का कल्याण भी शामिल हो। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का अंत्योदय का विचार इसी व्यापक दृष्टि को सामने रखता है।
युवाओं का आह्वान करते हुए मोहन नागर जी ने कहा कि पंडित दीनदयाल जी के विचार केवल पुस्तकों और भाषणों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। युवा स्वयं इन विचारों को पढ़ें, समझें और गांव-गांव, घर-घर तथा जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और विचार शक्ति के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा को और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि एकात्म मानव दर्शन भारत की अपनी जीवन-दृष्टि है, जो व्यक्ति, समाज, राष्ट्र और प्रकृति के बीच संतुलन एवं समन्वय स्थापित करने का मार्ग दिखाती है। पंडित दीनदयाल जी के विचारों को व्यवहार में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम में जिला समन्वयक संतोष सिंह राजपूत, सभी परामर्शदाता, नवांकुर समितियों के प्रमुख, ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के कार्यकर्ता तथा मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
जिला समन्वयक संतोष राजपूत ने बताया कि कार्यशाला के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के विचारों को आत्मसात करते हुए उन्हें जन-जन तक पहुंचाने तथा समाजहित में निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष श्री नागर ने सेवा संकल्प अभियान के तहत एक आँवले के पौधे का रोपण भी किया। कार्यक्रम का आभार का राजू आठनेरे जी ने किया।
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