गया में आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं का धरना, निजीकरण रोकने और 6 माह के बकाया मानदेय की मांग
गयाजी: बिहार राज्य आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका संघ के बैनर तले मंगलवार को गया के गांधी मैदान गेट संख्या-5 के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में शामिल सेविका-सहायिकाओं ने आंगनवाड़ी व्यवस्था के निजीकरण पर रोक, बकाया मानदेय भुगतान और सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग उठाई।धरना को संबोधित करते हुए संघ की प्रदेश अध्यक्ष एवं जिला अध्यक्ष अनीता झा ने कहा कि सरकार आंगनवाड़ी व्यवस्था के निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिसका संगठन कड़ा विरोध करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेविका-सहायिकाओं के साथ दोहरी नीति अपनाई जा रही है।
अनीता झा ने बताया कि पोषाहार की व्यवस्था एनजीओ के माध्यम से किए जाने का भी विरोध है। उनका कहना था कि तैयार भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है, इसलिए एनजीओ व्यवस्था समाप्त की जाए।
संघ ने बताया कि आंगनवाड़ी सेविका-सहायिकाओं का करीब छह माह से मानदेय लंबित है, जिससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने अविलंब बकाया मानदेय भुगतान की मांग की।धरना में सेविकाओं का मानदेय बढ़ाकर 26 हजार रुपये तथा सहायिकाओं का मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने और ग्रीष्मकालीन अवकाश में 15 दिनों की छुट्टी देने की भी मांग उठाई गई। संघ का कहना है कि भीषण गर्मी में भी केंद्रों का संचालन करना पड़ता है।
धरना के अंत में संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो पूरे बिहार में चरणबद्ध और व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा।
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