वारासिवनी: मिट्टी के मटकों का अस्तित्व बचाने की जंग, सीमावर्ती राज्य से कुम्हारों को मिली नई उम्मीद
नगर के वार्ड क्रमांक 10 में रहने वाले 15 कुम्हार परिवार आज भी मिट्टी के मटके बनाकर अपनी जीविका चला रहे हैं। आधुनिक मशीनों और फ्रिज-आरओ के बढ़ते उपयोग से मटकों की मांग घटी है, जिससे स्थानीय बाजार में बिक्री प्रभावित हुई। रोजगार बचाने के लिए कुम्हारों ने महाराष्ट्र में मटकों की सप्लाई शुरू की, जिससे उनके व्यापार में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है।