*तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित हुए चुवाड़ी के सपूत जगदीश कुमार*
डोडा-किश्तवाड़ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अदम्य साहस, उत्कृष्ट सेवा व प्रभावी नेतृत्व का मिला सम्मान
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल की दकड़ी पंचायत के *चुवाड़ी* गांव निवासी एवं एसएसबी के अतिरिक्त प्रशिक्षण केंद्र, सराहन में तैनात डिप्टी कमांडेंट जगदीश कुमार को वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवा के लिए तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। 1 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में *गृह सचिव गोविंद मोहन* ने उन्हें राष्ट्रपति पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। उनकी इस उपलब्धि से पैतृक गांव चुवाड़ी सहित घुमारवीं और पूरे बिलासपुर क्षेत्र में खुशी की लहर है।
जगदीश कुमार ने जम्मू-कश्मीर के डोडा-किश्तवाड़ तथा बिहार के नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उग्रवाद विरोधी अभियानों में अदम्य साहस, रणनीतिक दक्षता और प्रभावी नेतृत्व का परिचय दिया। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों के दौरान हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
जगदीश कुमार की उत्कृष्ट सेवाओं और साहस को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा जा चुका है। उन्हें गोल्डन डिस्क, कठिन सेवा पदक, भारतीय पुलिस पदक, डीजी गोल्डन डिस्क, आंतरिक सुरक्षा पदक और गैलेंट्री अवॉर्ड सहित अनेक महत्वपूर्ण सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। तीसरी बार राष्ट्रपति पदक से सम्मानित होना उनकी लंबे समय से चली आ रही उत्कृष्ट सेवा, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण का प्रमाण माना जा रहा है।
उनकी इस उपलब्धि पर चुवाड़ी गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने गर्व व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जगदीश कुमार ने कठिन परिस्थितियों में देश की सुरक्षा के लिए जिस साहस, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का परिचय दिया है, वह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि घुमारवीं तथा बिलासपुर जिले का नाम भी राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
तीसरी बार राष्ट्रपति पदक प्राप्त कर जगदीश कुमार ने अपनी कर्तव्यनिष्ठा, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण की मिसाल पेश की है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है और पूरे क्षेत्र में गर्व की भावना पैदा हुई है।
Bilaspur Sadar, Bilaspur | Sep 1, 2026