विश्व रेबीज दिवस पर पंचकूला में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर, 250 से अधिक पशुओं का हुआ टीकाकरण
स्ट्रॉन्गर टुगेदर’ थीम के तहत आयोजित किया गया रेबीज जागरूकता एवं टीकाकरण शिविर
पंचकूला 28 सितंबर : विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर आज पेट एनिमल मेडिकल सेंटर (पीएएमसी), सेक्टर-3, पंचकूला में निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का आयोजन प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 03:00 बजे तक किया गया, जिसमें 250 से भी अधिक पालतू एवं आवारा पशुओं को निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया।
हरियाणा शिवालिक विकास बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष श्री ओम प्रकाश देवीनगर ने
रिबन काट कर शिविर का शुभारंभ किया।
यह शिविर इस वर्ष की आधिकारिक वैश्विक विश्व रेबीज दिवस थीम “स्ट्रॉंगर टुगेदर” के अनुरूप आयोजित किया गया, जो रेबीज की रोकथाम एवं उन्मूलन के लिए सामूहिक एवं समन्वित प्रयासों के महत्व को रेखांकित करती है। यह थीम विशेष रूप से “वन हेल्थ” दृष्टिकोण पर जोर देती है, जिसके तहत रेबीज जैसी ज़ूनोटिक (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाली) बीमारियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए मानव स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और अन्य संबंधित विभाग एक साथ मिलकर काम करते हैं।
शिविर के बारे में जानकारी देते हुए उप निदेशक-सह-प्रभारी अधिकारी, पेट एनिमल मेडिकल सेंटर, पंचकूला, डॉ. रणजीत सिंह जादौन ने बताया कि रेबीज एक घातक लेकिन रोकथाम योग्य जूनोटिक बीमारी है तथा कुत्तों और बिल्लियों का नियमित टीकाकरण इसके संक्रमण की रोकथाम के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपायों में से एक है।
रेबीज मुख्य रूप से संक्रमित पशु के काटने अथवा उसकी लार के संपर्क में आने से फैलता है। एक बार लक्षण दिखाई देने के बाद यह बीमारी लगभग जानलेवा हो जाती है । हालांकि, समय पर टीकाकरण, जिम्मेदार पालतू पशु पालन, पशु के काटने की घटनाओं का उचित प्रबंधन तथा संपर्क में आए व्यक्तियों के लिए तत्काल संपर्क-पश्चात प्रोफिलैक्सिस उपलब्ध करवाकर रेबीज से पूरी तरह बचाव किया जा सकता है।
शिविर के दौरान 250 से अधिक पालतू एवं आवारा पशुओं का निःशुल्क एंटी-रेबीज टीकाकरण किया गया। साथ ही 300 से भी अधिक लोगों को रैबीज और उस जैसी अन्य घातक बीमारियों जैसे कि पार्वो वायरस, डिस्टेंपर वायरस से बचाव और रोकथाम के बारे में अवगत कराया गया ।