पंचकूला में ‘आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम’ का आयोजन
हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया ने बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत
सरकारी योजनाओं और पोषण के प्रति महिलाओं को किया जागरूक
उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित
वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन 181 की दी जानकारी
पंचकूला 28 सितंबर : महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बरवाला की अध्यक्षता में बरवाला स्थित कम्युनिटी सेंटर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' का आयोजन उत्साहपूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा अनुसूचित जाति आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बंतो कटारिया ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 'आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम' पंचकूला जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 25 सितंबर 2026 से 7 अक्टूबर 2026 तक मनाया जा रहा है।
कार्यक्रम में भाजपा के कई अन्य गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे। वहीं विभागीय अधिकारियों में महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बरवाला श्रीमती रेखा , सुपरवाइजर मोनिका, पिंकी और बबीता उपस्थित रहीं।
सरकारी योजनाओं और पोषण के प्रति किया गया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं को विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री मातृत्व सहायता योजना और 'आपकी बेटी-हमारी बेटी' योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को पोषण, नियमित टीकाकरण एवं एनीमिया की रोकथाम को लेकर जागरूक किया गया। इस दौरान योजनाओं का लाभ प्राप्त कर चुकी लाभार्थी महिलाओं ने अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर वन स्टॉप सेंटर की केंद्र संचालिका द्वारा वन स्टॉप सेंटर की योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं को हेल्पलाइन नंबर 181 के बारे में अवगत कराया गया तथा वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से महिलाओं को उपलब्ध कराए जाने वाले संरक्षण, सुरक्षा एवं आवश्यक सहायता के संबंध में भी जानकारी प्रदान की गई।
अंतिम पंक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ: श्रीमती बंतो कटारिया
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्रीमती बंतो कटारिया ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र समाज सेवा का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं। सरकार का उद्देश्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर सबसे निचले स्तर तक प्रत्येक जरूरतमंद महिला व बच्चे तक पहुंचे।
गोद भराई, अन्नप्राशन और बाल गतिविधियां रहीं आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म अदा की गई।
नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया।
बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कई मनोरंजक गतिविधियां कराई गईं—जिनमें बॉल कलर-मैचिंग, थंब पेंटिंग और स्लेट पर गिनती लेखन शामिल था। इसके साथ ही 8 माह के नन्हे बच्चों के लिए विशेष क्रॉलिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसके प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहे बच्चों को पुरस्कृत किया गया।