सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक शख्स ने उन पर जूता फेंक दिया, घटना के बाद मौके पर मौजूद समर्थकों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी......!
समर्थकों का दावा है कि आरोपी के पास चाकू भी था,हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है,
यह वही पप्पू यादव हैं........!
जिन्होंने हाल ही में संसद परिसर में कथित "चढ़ावा चोरी" को लेकर प्रदर्शन किया था,जिस पर देशभर में तीखी राजनीतिक और सामाजिक बहस छिड़ गई थी......!
अब सवाल यह है कि लोकतंत्र में असहमति की सीमा क्या होनी चाहिए? विरोध का अधिकार सभी को है,लेकिन क्या जूता फेंकना और हिंसा किसी समस्या का समाधान है....?
घटना ने एक बार फिर राजनीतिक संवाद और विरोध के तरीकों पर बहस छेड़ दी है.....!