गोपाल गौशाला में मनाया गया डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस, आपातकाल के सेनानियों का हुआ सम्मान
डीडवाना।भारतीय जन संघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें जयंती समारोह के तहत रविवार को स्थानीय गोपाल गौशाला के कामधेनु सभागार में 'बलिदान दिवस' कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया। 23 जून से 6 जुलाई तक चलने वाले इस पखवाड़े के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि राजेंद्र गहलोत एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा माँ भारती, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के छायाचित्रों पर माला व पुष्प अर्पित कर किया गया।समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी, उनका यह सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक राष्ट्रप्रेमियों को प्रेरित करता रहेगा।इस अवसर पर एक विशेष सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल गए स्थानीय प्रहरियों का दुपट्टा पहनाकर और तिलक लगाकर भव्य स्वागत व अभिनंदन किया गया। उपस्थित वक्ताओं ने उनके संघर्ष को भी याद किया।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर रामाकिशन खीचड़, पवन टाक, ओमप्रकाश मोदी, विजय टाक सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, वरिष्ठ पदाधिकारी और प्रबुद्धजन मौजूद रहे। सभी ने डॉ. मुखर्जी के दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
Didwana, Nagaur | Jun 23, 2026