Public App Logo
Jansamasya
News
पुलिस
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
Coronavirus
किसान
कांग्रेस
Gujarat
Accident
Congress
Modi
Delhi
Viral
Up
Rajasthan
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Kerala
Rahulgandhi
Chhattisgarh

श्रमिक पर हमले के बाद घायल बाघिन का रेस्क्यू, उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया सागर। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) के मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने घायल बाघिन का रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक (सीडब्ल्यूएचएफ) भेज दिया है। बाघिन की उम्र करीब 15 से 18 माह बताई गई है। वन विभाग के अनुसार 5 जुलाई को गश्त के दौरान एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक ने बताया था कि हमलावर बाघ के पंजे छोटे थे। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया। 7 जुलाई को सर्चिंग के दौरान करीब 15 से 18 माह की एक बाघिन मिली। आशंका जताई गई कि संभवतः इसी बाघिन ने श्रमिक पर हमला किया था। इसके बाद हाथियों की मदद से लगातार उसकी निगरानी की गई। 8 जुलाई को महावतों और वन अधिकारियों ने देखा कि बाघिन कई दिनों से भूखी थी और उसके पिछले पैरों में चोट के कारण चलने में परेशानी हो रही थी। इसकी जानकारी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को दी गई। उनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञ दल ने हाथियों की सहायता से बाघिन का दोबारा पता लगाकर उसे सुरक्षित निश्चेतक किया। प्राथमिक परीक्षण में उसका पेट लगभग खाली मिला तथा पिछले पैरों में सूजन पाई गई। चिकित्सकों की सलाह पर विस्तृत जांच और उपचार के लिए बाघिन को जबलपुर भेज दिया गया। वन विभाग ने बताया कि बाघिन की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।

Damoh, Damoh | Jul 10, 2026

MORE NEWS

डेंगू निरोधक माह का शुभारंभ, सीएमएचओ डॉ. राय ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी
==
शहर में माइकिंग और पंपलेट वितरण के माध्यम से डेंगू-मलेरिया से बचाव का दिया जाएगा संदेश

डेंगू निरोधक माह का शुभारंभ, सीएमएचओ डॉ. राय ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी == शहर में माइकिंग और पंपलेट वितरण के माध्यम से डेंगू-मलेरिया से बचाव का दिया जाएगा संदेश

Damoh, Madhya Pradesh | Jul 9, 2026

लोक कलाओं में शुरू करें सर्टिफिकेट कोर्स- राज्य मंत्री श्री लोधी
===
राज्य मंत्री श्री लोधी ने संस्कृति विभाग के विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक ली
==

            प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लोक कलाओं से संबंधित नए सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की स्थिति, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के प्रयासों, अधोसंरचना विकास और विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा किया जाए और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

            बैठक में राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में कुल 122 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें संगीत के 48, नृत्य के 30, ललित कला, नाट्य एवं रंगकर्म के 08 तथा अन्य 06 पाठ्यक्रम शामिल हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने इन पाठ्यक्रमों की सराहना की और जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालयों तथा उनके अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और कोर्सेस का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों तक भी इसकी जानकारी पहुँच सके।

            इसी प्रकार सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि विश्वविद्यालय द्वारा इस समय कुल 16 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में एम.ए. के 09, एम.एस.सी. का 01, एम.एफ.ए. का 01, डिप्लोमा के 02 और सर्टिफिकेट के 03 कोर्सेस शामिल हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

लोक कलाओं में शुरू करें सर्टिफिकेट कोर्स- राज्य मंत्री श्री लोधी === राज्य मंत्री श्री लोधी ने संस्कृति विभाग के विश्वविद्यालयों की समीक्षा बैठक ली == प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी ने मंत्रालय में संस्कृति विभाग के अंतर्गत संचालित विश्वविद्यालयों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कला के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं और स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए लोक कलाओं से संबंधित नए सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान उन्होंने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश की स्थिति, विद्यार्थियों के प्लेसमेंट के प्रयासों, अधोसंरचना विकास और विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन स्तर पर लंबित मामलों का त्वरित निपटारा किया जाए और रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। बैठक में राजा मान सिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा वर्तमान में कुल 122 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें संगीत के 48, नृत्य के 30, ललित कला, नाट्य एवं रंगकर्म के 08 तथा अन्य 06 पाठ्यक्रम शामिल हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने इन पाठ्यक्रमों की सराहना की और जोर देकर कहा कि विश्वविद्यालयों तथा उनके अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों की शैक्षणिक गतिविधियों और कोर्सेस का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि दूर-दराज के विद्यार्थियों तक भी इसकी जानकारी पहुँच सके। इसी प्रकार सांची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि विश्वविद्यालय द्वारा इस समय कुल 16 पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों में एम.ए. के 09, एम.एस.सी. का 01, एम.एफ.ए. का 01, डिप्लोमा के 02 और सर्टिफिकेट के 03 कोर्सेस शामिल हैं। राज्य मंत्री श्री लोधी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि विश्वविद्यालयों में शिक्षा के स्तर और गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

Damoh, Madhya Pradesh | Jul 9, 2026

आपदा के समय नहीं, उससे पहले की गई तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा - कलेक्टर श्री यादव
=
विद्यालयों, जर्जर भवनों, सड़कों, बिजली-पेयजल व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों की निगरानी के निर्देश,
=
जन-धन हानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता
=
कलेक्टर ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

आपदा के समय नहीं, उससे पहले की गई तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा - कलेक्टर श्री यादव = विद्यालयों, जर्जर भवनों, सड़कों, बिजली-पेयजल व्यवस्था और संवेदनशील स्थलों की निगरानी के निर्देश, = जन-धन हानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता = कलेक्टर ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा कर दिए सख्त निर्देश

Damoh, Madhya Pradesh | Jul 9, 2026

श्रमिक पर हमले के बाद घायल बाघिन का रेस्क्यू, उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया सागर। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) के मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने घायल बाघिन का रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक (सीडब्ल्यूएचएफ) भेज दिया है। बाघिन की उम्र करीब 15 से 18 माह बताई गई है। वन विभाग के अनुसार 5 जुलाई को गश्त के दौरान एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक ने बताया था कि हमलावर बाघ के पंजे छोटे थे। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया। 7 जुलाई को सर्चिंग के दौरान करीब 15 से 18 माह की एक बाघिन मिली। आशंका जताई गई कि संभवतः इसी बाघिन ने श्रमिक पर हमला किया था। इसके बाद हाथियों की मदद से लगातार उसकी निगरानी की गई। 8 जुलाई को महावतों और वन अधिकारियों ने देखा कि बाघिन कई दिनों से भूखी थी और उसके पिछले पैरों में चोट के कारण चलने में परेशानी हो रही थी। इसकी जानकारी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को दी गई। उनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया। विशेषज्ञ दल ने हाथियों की सहायता से बाघिन का दोबारा पता लगाकर उसे सुरक्षित निश्चेतक किया। प्राथमिक परीक्षण में उसका पेट लगभग खाली मिला तथा पिछले पैरों में सूजन पाई गई। चिकित्सकों की सलाह पर विस्तृत जांच और उपचार के लिए बाघिन को जबलपुर भेज दिया गया। वन विभाग ने बताया कि बाघिन की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है। - Damoh News