श्रमिक पर हमले के बाद घायल बाघिन का रेस्क्यू, उपचार के लिए जबलपुर भेजा गया
सागर। वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (वीडीटीआर) के मोहली परिक्षेत्र में एक श्रमिक पर हमले की घटना के बाद वन विभाग ने घायल बाघिन का रेस्क्यू कर उसे उपचार के लिए जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक (सीडब्ल्यूएचएफ) भेज दिया है। बाघिन की उम्र करीब 15 से 18 माह बताई गई है।
वन विभाग के अनुसार 5 जुलाई को गश्त के दौरान एक श्रमिक पर बाघ ने हमला कर उसे घायल कर दिया था। मौके पर मौजूद महिला वनरक्षक ने बताया था कि हमलावर बाघ के पंजे छोटे थे। इसके बाद वन विभाग ने क्षेत्र में सर्च अभियान शुरू किया।
7 जुलाई को सर्चिंग के दौरान करीब 15 से 18 माह की एक बाघिन मिली। आशंका जताई गई कि संभवतः इसी बाघिन ने श्रमिक पर हमला किया था। इसके बाद हाथियों की मदद से लगातार उसकी निगरानी की गई।
8 जुलाई को महावतों और वन अधिकारियों ने देखा कि बाघिन कई दिनों से भूखी थी और उसके पिछले पैरों में चोट के कारण चलने में परेशानी हो रही थी। इसकी जानकारी मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक को दी गई। उनके निर्देश पर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के वन्यजीव विशेषज्ञ एवं पशु चिकित्सक डॉ. गुरुदत्त शर्मा तथा जबलपुर स्थित सेंटर फॉर वाइल्डलाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक की विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया।
विशेषज्ञ दल ने हाथियों की सहायता से बाघिन का दोबारा पता लगाकर उसे सुरक्षित निश्चेतक किया। प्राथमिक परीक्षण में उसका पेट लगभग खाली मिला तथा पिछले पैरों में सूजन पाई गई। चिकित्सकों की सलाह पर विस्तृत जांच और उपचार के लिए बाघिन को जबलपुर भेज दिया गया।
वन विभाग ने बताया कि बाघिन की स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से जंगल में अकेले नहीं जाने की अपील की गई है।
Damoh, Damoh | Jul 10, 2026