मैं बीती रात रीवा में रुका था। चित्रकूट और सतना में अतिवृष्टि के कारण सेमरावल एवं मंदाकिनी नदी में बाढ़ का भयावह रूप देखने को मिला। राहत की बात है कि घटना के समय दिन था और मौसम के पूर्वानुमान के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। हमारी सतर्कता और प्रशासन की तत्परता से किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस बाढ़ ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिलहाल हमारा पूरा ध्यान राहत एवं बचाव कार्यों पर है, ताकि जलस्तर कम होने के बाद प्रभावित लोगों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाया जा सके। साथ ही, बाढ़ से हुए नुकसान का समुचित आकलन कर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आज मैंने बाढ़ प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की और अधिकारियों को प्रभावितों तक सूखा राशन एवं अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। जिन लोगों के पशुओं की हानि हुई है अथवा अन्य नुकसान हुआ है, उनका विधिवत सर्वे कराया जाएगा और नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।