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छात्र संघ चुनाव बहाल करने की मांग, कनवास में एनएसयूआई कार्यकर्ताओ ने किया प्रदर्शन धुलेट चौराहे से एडीएम कार्यालय कनवास तक नारेबाजी करते हुए पहुंचे कार्यकर्ता छात्र संघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की मांग को लेकर आज नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) सांगोद ब्लॉक द्वारा स्थानीय उपखंड अधिकारी (SDM) को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।इससे पहले, धुलेट चौराहे से उपखंड कार्यालय बड़ी संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता एकत्रित हुए। वहां से छात्र शक्ति नारेबाजी करते हुए और जुलूस के रूप में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंची। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "छात्र संघ चुनाव बहाल करो" के नारे लगाते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों को वापस देने की मांग की। वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों की रही मौजूदगी इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम का मुख्य नेतृत्व और आयोजन निखिल सुमन त्रिलोक नागर पीयूष नगर द्वारा किया गया । कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों का हौसला बढ़ाने के लिए यूथ कांग्रेस के जिला अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह पानाहेड़ा और बंटी गुर्जर पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम गोचर पीतामपुरा बंटी गुर्जर आजादपुरा विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके साथ ही NSUI ब्लॉक अध्यक्ष (सांगोद) विक्की मीणा के नेतृत्व में स्थानीय कार्यकर्ताओं और छात्र शक्ति ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति रहे Nsui छात्र नेता हिमांशु नागर अल्फेज मिर्जा मयंक राठौर मनीष राठौर अयानखान मयंक निर्मल नागर, नवीन, निक्कू,सेरा , अमन मेहता कुंदन नागर अनमोल

Sangod, Kota | Aug 3, 2026

MORE NEWS

कोटा-नागदा रेलखंड महिदपुर रोड स्टेशन पर खड़ी रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन पर गिरा बिजली का तार

ट्रेन के इंजन के ऊपर जोरदार स्पार्किंग और तेज धमाके, यात्रियों में मचा हड़कम्प

 स्थित महिदपुर रोड स्टेशन पर रविवार को अचानक बिजली के तार (ओएचई) टूट कर प्लेटफार्म पर खड़ी रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन (19103) पर गिर गए। सुबह करीब 8:55 पर हुई इस घटना से ट्रेन के इंजन के ऊपर जोरदार स्पार्किंग और तेज धमाके हुए। इसी के साथ इंजन के ऊपर तेजी से आग लगती भी नजर आई।
धमाकों, धुंआ और आग से दहशत में आए यात्रियों में भगदड़ मच गई। ट्रेन से निकलकर यात्री प्लेटफार्म पर दौड़ पड़े। प्लेटफार्म पर खड़े यात्री भी भाग कर अपनी जान बचाते नजर आए।
इस घटना के समय पास की लाइन पर एक सवारी गाड़ी और खड़ी थी। धमाकों और आग के कारण इस ट्रेन की यात्रियों में भी भगदड़ मच की गई। घबराहट में कई यात्री ट्रेन से कूद गए।
बाद में ओएचई में करंट प्रवाह रुकने से स्पार्किंग, धमाके और आग बंद हुई। इस घटना से ट्रेन का पैंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो गया और इंसुलेटर बस्ट हो गए।
बाद में सूचना पर पहुंचे टीआरडी कर्मचारियों ने ओएचई को जोड़कर मेमू ट्रेन को कोटा की ओर रवाना किया गया। इस घटना के चलते मेमू ट्रेन महिदपुर में करीब 2 घंटा 20 मिनट खड़ी रही। 
कारणों का नहीं चला पता 
फिलहाल इस घटना के कारणों का पता नहीं चला है। कोटा मंडल रेल प्रशासन ने सुपरवाइजर स्तर की जांच कमेटी गठित की है। मौके पर मौजूद कई लोग पहले इंजन के ऊपर स्पार्किंग और बाद में तार टूटने की बात कह रहे हैं। वहीं कई लोग पहले स्पार्किंग से तार टूटने और बाद में इंजन के ऊपर धमाके और आग की बात कह रहे हैं।
बड़ी घटना टली 
यात्रियों ने बताया कि गनीमत रही की 11 हजार वोल्ट करंट का तार टूटने के बाद भी बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्पार्किंग, धमाके और आग ज्यादा नहीं फैली। तार टूटने के बाद बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। इससे बड़ी घटना टल गई। कोई यात्री धमाकों के साथ प्लेटफार्म तक फैली चिंगारी की चपेट में नहीं आया।
कोलकाता जैसी घटना 
उल्लेखनीय है कि 5 दिन पहले 29 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर भी ठीक ऐसी ही घटना सामने आई थी। यहां खड़ी डंकुनी-सियालदह डाउन 
लोकल ट्रेन के ऊपर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर गिर गए थे। इस घटना से धमाके, आग और चिंगारी के कारण ट्रेन और प्लेटफार्म पर खड़ी यात्रियों में भगदड़ मच गई थी।

कोटा-नागदा रेलखंड महिदपुर रोड स्टेशन पर खड़ी रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन पर गिरा बिजली का तार ट्रेन के इंजन के ऊपर जोरदार स्पार्किंग और तेज धमाके, यात्रियों में मचा हड़कम्प स्थित महिदपुर रोड स्टेशन पर रविवार को अचानक बिजली के तार (ओएचई) टूट कर प्लेटफार्म पर खड़ी रतलाम-कोटा मेमू ट्रेन (19103) पर गिर गए। सुबह करीब 8:55 पर हुई इस घटना से ट्रेन के इंजन के ऊपर जोरदार स्पार्किंग और तेज धमाके हुए। इसी के साथ इंजन के ऊपर तेजी से आग लगती भी नजर आई। धमाकों, धुंआ और आग से दहशत में आए यात्रियों में भगदड़ मच गई। ट्रेन से निकलकर यात्री प्लेटफार्म पर दौड़ पड़े। प्लेटफार्म पर खड़े यात्री भी भाग कर अपनी जान बचाते नजर आए। इस घटना के समय पास की लाइन पर एक सवारी गाड़ी और खड़ी थी। धमाकों और आग के कारण इस ट्रेन की यात्रियों में भी भगदड़ मच की गई। घबराहट में कई यात्री ट्रेन से कूद गए। बाद में ओएचई में करंट प्रवाह रुकने से स्पार्किंग, धमाके और आग बंद हुई। इस घटना से ट्रेन का पैंटोग्राफ क्षतिग्रस्त हो गया और इंसुलेटर बस्ट हो गए। बाद में सूचना पर पहुंचे टीआरडी कर्मचारियों ने ओएचई को जोड़कर मेमू ट्रेन को कोटा की ओर रवाना किया गया। इस घटना के चलते मेमू ट्रेन महिदपुर में करीब 2 घंटा 20 मिनट खड़ी रही। कारणों का नहीं चला पता फिलहाल इस घटना के कारणों का पता नहीं चला है। कोटा मंडल रेल प्रशासन ने सुपरवाइजर स्तर की जांच कमेटी गठित की है। मौके पर मौजूद कई लोग पहले इंजन के ऊपर स्पार्किंग और बाद में तार टूटने की बात कह रहे हैं। वहीं कई लोग पहले स्पार्किंग से तार टूटने और बाद में इंजन के ऊपर धमाके और आग की बात कह रहे हैं। बड़ी घटना टली यात्रियों ने बताया कि गनीमत रही की 11 हजार वोल्ट करंट का तार टूटने के बाद भी बड़ा हादसा नहीं हुआ। स्पार्किंग, धमाके और आग ज्यादा नहीं फैली। तार टूटने के बाद बिजली सप्लाई बंद हो गई थी। इससे बड़ी घटना टल गई। कोई यात्री धमाकों के साथ प्लेटफार्म तक फैली चिंगारी की चपेट में नहीं आया। कोलकाता जैसी घटना उल्लेखनीय है कि 5 दिन पहले 29 जुलाई को पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर भी ठीक ऐसी ही घटना सामने आई थी। यहां खड़ी डंकुनी-सियालदह डाउन लोकल ट्रेन के ऊपर ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) तार टूटकर गिर गए थे। इस घटना से धमाके, आग और चिंगारी के कारण ट्रेन और प्लेटफार्म पर खड़ी यात्रियों में भगदड़ मच गई थी।

Sangod, Kota | Aug 3, 2026

कोटा में यूसीसी लागू करने की मांग को लेकर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

कोटा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, राजस्थान के बैनर तले क्षेत्रीय सहसंयोजक इरशाद अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम सिटी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) शीघ्र लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए नागरिक कानूनों में भी समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मंच का कहना है कि यूसीसी महिलाओं, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूती दे सकती है। वैवाहिक विवादों में समान और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था महिलाओं को बेहतर संरक्षण प्रदान करेगी। मंच ने कहा कि सभी नागरिक संविधान की सर्वोच्चता के अंतर्गत समान अधिकार और दायित्व रखते हैं तथा समान कानूनी व्यवस्था सामाजिक समरसता, न्याय और समानता को मजबूत करेगी। ज्ञापन में यूसीसी पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संवाद की अपील करते हुए राज्य सरकार से इसे जल्द लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

कोटा में यूसीसी लागू करने की मांग को लेकर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन कोटा में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, राजस्थान के बैनर तले क्षेत्रीय सहसंयोजक इरशाद अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम सिटी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में राजस्थान में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) शीघ्र लागू करने की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, इसलिए नागरिक कानूनों में भी समानता सुनिश्चित की जानी चाहिए। मंच का कहना है कि यूसीसी महिलाओं, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों, सम्मान, सुरक्षा और सशक्तिकरण को मजबूती दे सकती है। वैवाहिक विवादों में समान और स्पष्ट कानूनी व्यवस्था महिलाओं को बेहतर संरक्षण प्रदान करेगी। मंच ने कहा कि सभी नागरिक संविधान की सर्वोच्चता के अंतर्गत समान अधिकार और दायित्व रखते हैं तथा समान कानूनी व्यवस्था सामाजिक समरसता, न्याय और समानता को मजबूत करेगी। ज्ञापन में यूसीसी पर लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संवाद की अपील करते हुए राज्य सरकार से इसे जल्द लागू करने की दिशा में आवश्यक निर्णय लेने का आग्रह किया गया।

Sangod, Kota | Aug 3, 2026

Follow... नहाने के दौरान शेम्पू निकालने के लिए आलमारी में डाला हाथ, सांप ने डसा

कोटा की नांता बस्ती में सामने आई घटना, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

नांता बस्ती में अभिषेक अपने घर की अलमारी से नहाने के लिए शैंपू निकाल रहा था। इसी दौरान अलमारी में छिपे बैठे एक सांप ने उसके हाथ पर काट लिया। सांप के काटते ही अभिषेक की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

Follow... नहाने के दौरान शेम्पू निकालने के लिए आलमारी में डाला हाथ, सांप ने डसा कोटा की नांता बस्ती में सामने आई घटना, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती नांता बस्ती में अभिषेक अपने घर की अलमारी से नहाने के लिए शैंपू निकाल रहा था। इसी दौरान अलमारी में छिपे बैठे एक सांप ने उसके हाथ पर काट लिया। सांप के काटते ही अभिषेक की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

Sangod, Kota | Aug 3, 2026

सावन का पहला सोमवार, कीजिये चोमेश्वर महादेव के दर्शन चार चोमा (कोटा)

जहां चारों दिशाओं से देते हैं महादेव दर्शन, वही है चारचौमा धाम

- गुप्तकालीन चतुर्मुख शिवलिंग के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
- अद्भुत शिल्पकला और धार्मिक महिमा का अनोखा संगम

सांगोद. कैथून.  सावन माह के आगमन के साथ ही भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का माहौल चरम पर है। कोटा जिले के कैथून क्षेत्र स्थित #चारचौमा गांव का प्राचीन शिव मंदिर इन दिनों शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कोटा से करीब 40 किलोमीटर दूर कालीसिंध नदी के पश्चिमी तट पर स्थित यह गुप्तकालीन मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता, ऐतिहासिक महत्व और अद्भुत स्थापत्य कला के कारण देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।

मंदिर में यह है खास

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित यह मंदिर गुप्तकालीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर से निर्मित दुर्लभ चतुर्मुख शिवलिंग स्थापित है, जिस पर सदाशिव, विष्णु, ब्रह्मा और अर्धनारीश्वर के स्वरूप अंकित हैं। शिवलिंग पर जटाजूट, चंद्रमा और अन्य अलंकरण तत्कालीन शिल्पकला की श्रेष्ठता का परिचय देते हैं। गर्भगृह में माता पार्वती की आदमकद प्रतिमा भी विराजमान है, जिन्हें स्थानीय लोग भीलनी माताजी के रूप में पूजते हैं।
ऊंचे चबूतरे पर निर्मित है मंदिर
पूर्वाभिमुख यह मंदिर ऊंचे चबूतरे पर निर्मित है। इसमें गर्भगृह, अंतराल, सभा मंडप और नागर शैली का शिखर है। स्तंभों पर उकेरी गई पुष्प एवं ज्यामितीय आकृतियों की नक्काशी इसकी भव्यता को और बढ़ाती है। मंदिर परिसर के नीचे स्थित प्राचीन कुंड भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है।

होते रहते है आयोजन

मंदिर से जुड़ी हनुमान और विभीषण की लोककथाएं श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ बनाती हैं। सावन में यहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और गोठ का आयोजन होता है। महाशिवरात्रि पर लगने वाले पंद्रह दिवसीय मेले में राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी पहुंचते हैं।

 
चारचौमा महादेव मंदिर की विशेषताएं

- एएसआई द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक
- गुप्तकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण
- काले पत्थर का दुर्लभ चतुर्मुख शिवलिंग देशभर में अनूठा
- नागर शैली का शिखर, सुंदर नक्काशीदार स्तंभ और प्राचीन कुंड
- महाशिवरात्रि पर 15 दिवसीय विशाल मेले का आयोजन।
- सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक व दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

सावन का पहला सोमवार, कीजिये चोमेश्वर महादेव के दर्शन चार चोमा (कोटा) जहां चारों दिशाओं से देते हैं महादेव दर्शन, वही है चारचौमा धाम - गुप्तकालीन चतुर्मुख शिवलिंग के दर्शन के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु - अद्भुत शिल्पकला और धार्मिक महिमा का अनोखा संगम सांगोद. कैथून. सावन माह के आगमन के साथ ही भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का माहौल चरम पर है। कोटा जिले के कैथून क्षेत्र स्थित #चारचौमा गांव का प्राचीन शिव मंदिर इन दिनों शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। कोटा से करीब 40 किलोमीटर दूर कालीसिंध नदी के पश्चिमी तट पर स्थित यह गुप्तकालीन मंदिर अपनी धार्मिक मान्यता, ऐतिहासिक महत्व और अद्भुत स्थापत्य कला के कारण देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु यहां जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। मंदिर में यह है खास भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित यह मंदिर गुप्तकालीन स्थापत्य का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में काले पत्थर से निर्मित दुर्लभ चतुर्मुख शिवलिंग स्थापित है, जिस पर सदाशिव, विष्णु, ब्रह्मा और अर्धनारीश्वर के स्वरूप अंकित हैं। शिवलिंग पर जटाजूट, चंद्रमा और अन्य अलंकरण तत्कालीन शिल्पकला की श्रेष्ठता का परिचय देते हैं। गर्भगृह में माता पार्वती की आदमकद प्रतिमा भी विराजमान है, जिन्हें स्थानीय लोग भीलनी माताजी के रूप में पूजते हैं। ऊंचे चबूतरे पर निर्मित है मंदिर पूर्वाभिमुख यह मंदिर ऊंचे चबूतरे पर निर्मित है। इसमें गर्भगृह, अंतराल, सभा मंडप और नागर शैली का शिखर है। स्तंभों पर उकेरी गई पुष्प एवं ज्यामितीय आकृतियों की नक्काशी इसकी भव्यता को और बढ़ाती है। मंदिर परिसर के नीचे स्थित प्राचीन कुंड भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र है। होते रहते है आयोजन मंदिर से जुड़ी हनुमान और विभीषण की लोककथाएं श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ बनाती हैं। सावन में यहां प्रतिदिन भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और गोठ का आयोजन होता है। महाशिवरात्रि पर लगने वाले पंद्रह दिवसीय मेले में राजस्थान सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु और व्यापारी पहुंचते हैं। चारचौमा महादेव मंदिर की विशेषताएं - एएसआई द्वारा राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक - गुप्तकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण - काले पत्थर का दुर्लभ चतुर्मुख शिवलिंग देशभर में अनूठा - नागर शैली का शिखर, सुंदर नक्काशीदार स्तंभ और प्राचीन कुंड - महाशिवरात्रि पर 15 दिवसीय विशाल मेले का आयोजन। - सावन में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक व दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Sangod, Kota | Aug 3, 2026