एचपीयू छात्रावासों में सड़ी सब्जियां मिलने का आरोप, एबीवीपी ने प्रशासन को घेरा; आंदोलन की चेतावनी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के छात्रावासों में भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिषद का दावा है कि छात्रावासों की रसोई में सड़ी हुई कच्ची सब्जियों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है।
एबीवीपी के इकाई मंत्री सुशील शर्मा ने कहा कि विद्योत्तमा छात्रावास सहित अन्य हॉस्टलों में विद्यार्थी निर्धारित शुल्क देने के बावजूद गुणवत्तापूर्ण और पौष्टिक भोजन से वंचित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रसोई में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की गुणवत्ता बेहद खराब है और कई बार सड़ी हुई कच्ची सब्जियां पाई गई हैं। इसके अलावा स्वच्छता मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। कई शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
परिषद ने यह भी आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय के अध्यादेशों की अनदेखी करते हुए ऐसे लोगों को भी छात्रावासों में रहने की अनुमति दी जा रही है, जिनके खिलाफ गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हैं। इससे छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
एबीवीपी ने मांग की है कि छात्रावासों में नियमित निरीक्षण कराया जाए, भोजन बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता की निगरानी हो, अवैध रूप से रह रहे लोगों पर कार्रवाई की जाए तथा नियमों के अनुरूप ही आवास आवंटित किए जाएं।
परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र हितों की रक्षा के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।