विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य 'सोलर मेला' आयोजित। 'छत पर सोलर प्लांट लगाना खाली जगह से नियमित आय कमाने जैसा'–जिला पदाधिकारी
जमुई: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और 'प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से आज स्थानीय रावणेश्वर हॉल में विद्युत विभाग एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में एक भव्य 'सोलर मेला' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिलाधिकारी एवं अपर समाहर्ता द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर आयोजित जागरूकता सत्र को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने आम नागरिकों, शिक्षकों एवं जनप्रतिनिधियों से पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए अधिक से अधिक संख्या में रूफटॉप सोलर सिस्टम अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सौर ऊर्जा के लाभों तथा आवेदन प्रक्रिया को अत्यंत सरल एवं आकर्षक अभिनय द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही, पूर्व से सोलर सिस्टम का उपयोग कर रहे स्थानीय नागरिकों ने भी अपने सकारात्मक अनुभव साझा करते हुए सरकार की इस पहल की सराहना की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने हालिया पश्चिम एशिया के युद्ध से उत्पन्न ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए अक्षय एवं अनवरत सौर ऊर्जा के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि "सृष्टि का संपूर्ण जीवन-चक्र सूर्य से ही संचालित होता है। प्रकृति और पशु-पक्षी आज भी सूर्य के नियम से चलते हैं, परंतु मानव इससे भटक गया है। अब समय आ गया है कि हम तकनीक के माध्यम से सौर ऊर्जा का उपयोग कर अपने जीवन को सूर्य के अनुकूल ढालें।" आगे उन्होंने कहा कि संविधान जहाँ नागरिक अधिकारों की बात करता है, वहीं कर्तव्यों का भी बोध कराता है, अतः पारंपरिक ऊर्जा संसाधनों का संरक्षण करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
सौर ऊर्जा के उपयोग से जुड़े अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए जिला पदाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह को इसके रखरखाव (मेंटेनेंस) की सुगम प्रक्रिया समझाई। उन्होंने जनसामान्य को प्रेरित करते हुए कहा कि घर की छत पर सोलर प्लांट स्थापित करना अपनी खाली छत को किराए पर देकर नियमित आय अर्जित करने जैसा है—इससे न केवल बिजली बिल में भारी कमी आएगी, बल्कि अतिरिक्त उत्पादित ऊर्जा से आय के नए स्रोत भी सृजित होंगे।
जिले की अद्यतन स्थिति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि 8,000 के निर्धारित लक्ष्य के आलोक में अब तक 650 आवेदन प्राप्त हुए हैं और 300 ऋण स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिले के लगभग 13,339 ऐसे उपभोक्ता, जिनका मासिक बिजली बिल 300 यूनिट से अधिक आता है, उनके लिए यह योजना बिजली खर्च घटाने और ऊर्जा आत्मनिर्भरता हासिल करने का सबसे व्यावहारिक माध्यम है। इसके लिए सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी और पारदर्शी बैंक ऋण की सुविधा प्रदान की जा रही है। उन्होंने रेखांकित किया कि मुफ्त बिजली की संकल्पना से सरकार को सब्सिडी मद में होने वाली लगभग ₹22,000 करोड़ की बचत का सीधा उपयोग जनहित में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए किया जाएगा। योजना के त्वरित निष्पादन हेतु विद्युत विभाग के कनीय अभियंताओं को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है तथा बैंक ऋण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है।
इस कार्यक्रम में अपर समाहर्ता ने भी अपने संबोधन में सौर ऊर्जा के महत्त्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा एक अक्षय और अनवरत ऊर्जा स्रोत है, जिसका कभी अंत नहीं होता। यह पर्यावरण संरक्षण, बिजली बिल में दीर्घकालिक राहत और ऊर्जा के क्षेत्र में पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त करने का सबसे प्रभावी साधन है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे इस जन-कल्याणकारी योजना से जुड़कर अपने परिवार को आत्मनिर्भर बनाएं।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी, विद्युत विभाग के कर्मी, शिक्षक, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
Khaira, Jamui | Aug 21, 2026