Public App Logo
Jansamasya
News
Maharashtra
Bjp
National
Police
Bihar
India
कांग्रेस
मौत
Congress
Modi
Delhi
Viral
Rajasthan
मध्यप्रदेश
Bollywood
Breakingnews
Narendramodi
Madhya_pradesh
Mp
Madhyapradesh
Pmmodi
Rahulgandhi
Uttarpradesh
Haryana
Uttarakhand
Crimenews
Karnataka
Aap
No video available

टोक्यो ओलंपिक 2020 के मुक्केबाजी प्रतियोगिता मे कांस्य पदक जीतने वाली भारत की बेटी लवलीना बोरगोहेन #lovleena_borgohein

MORE NEWS

बांकीपूर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चाहने बाले को देख लीजिए कैसे कैसे एक बहरूपिये को जनता ने सबक सीखाया! #bdbiharjharkhand

बांकीपूर विधानसभा उपचुनाव में प्रशांत किशोर के चाहने बाले को देख लीजिए कैसे कैसे एक बहरूपिये को जनता ने सबक सीखाया! #bdbiharjharkhand

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 17, 2026

⭕️❗️⭕️ जगन्नाथ यात्रा ॥ गयाजी बिहार

⭕️❗️⭕️ जगन्नाथ यात्रा ॥ गयाजी बिहार

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 17, 2026

ऑपरेशन ‘नारकोस’ में आरपीएफ-जीआरपी की बड़ी कामयाबी: गया स्टेशन से 12.540 किलो गांजा बरामद, ₹6.27 लाख की खेप के साथ एक बालिग गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध

गया। रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में आरपीएफ एवं जीआरपी की टीम ने गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 से 12.540 किलोग्राम गांजा बरामद करते हुए एक बालिग आरोपी को गिरफ्तार तथा एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत 6 लाख 27 हजार रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर में अपराध नियंत्रण एवं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त कर रही थी। इस अभियान में आरपीएफ के कई अधिकारी एवं जवानों के साथ सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षी, सीपीडीएस तथा राजकीय रेल थाना (जीआरपी) के पुलिसकर्मी भी शामिल थे। संयुक्त टीम गया रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों एवं यात्रियों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए थी।

गश्त के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के हावड़ा छोर स्थित ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) के समीप दो युवक दो ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम की नजर पड़ते ही दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद टीम ने तत्काल दोनों को रोककर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों युवक घबराए हुए दिखाई दिए और उनके जवाब भी संतोषजनक नहीं थे। संदेह गहराने पर उन्हें विश्वास में लेकर ट्रॉली बैग में रखे सामान के बारे में पूछा गया।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उनके ट्रॉली बैग में मादक पदार्थ गांजा रखा हुआ है, जिसे वे भुवनेश्वर से लेकर आ रहे थे। इसके बाद इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी गई। कुछ ही देर में सहायक सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, गया भी घटनास्थल पर पहुंच गए। 

उनकी मौजूदगी में दोनों ट्रॉली बैगों की विधिवत तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दोनों ट्रॉली बैगों से कुल 12.540 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार बालिग युवक की पहचान सन्नी कुमार (19 वर्ष), पिता पिंटू कुमार मिस्त्री, निवासी सैदापुर, थाना नरहट, जिला नवादा (बिहार) के रूप में हुई। वहीं दूसरा आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग है, जो सराय पीपल थाला, आजादपुर, थाना महेंद्र पार्क, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली का रहने वाला बताया गया।

बरामद गांजा की अनुमानित कीमत ₹6,27,000 है। बरामद मादक पदार्थ, दोनों ट्रॉली बैग तथा दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी थाना, गया को सुपुर्द कर दिया गया। उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर जीआरपी थाना, गया में कांड संख्या-186/26 दर्ज किया गया है। मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि रेलवे परिसर को नशा तस्करी, अवैध गतिविधियों एवं अपराध से मुक्त रखने के लिए ऑपरेशन ‘नारकोस’ लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और संदिग्ध यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीक के साथ-साथ खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी कार्रवाई कर रही हैं, जिससे मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर को अपराधमुक्त बनाए रखना रेलवे सुरक्षा बल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मादक पदार्थों की तस्करी समाज, विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
#gayadastak 
#GayaNews 
#गयाजी 
#GayaPolice 
#gaya 
#gayarailwaystation

ऑपरेशन ‘नारकोस’ में आरपीएफ-जीआरपी की बड़ी कामयाबी: गया स्टेशन से 12.540 किलो गांजा बरामद, ₹6.27 लाख की खेप के साथ एक बालिग गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध गया। रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। संयुक्त कार्रवाई में आरपीएफ एवं जीआरपी की टीम ने गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 से 12.540 किलोग्राम गांजा बरामद करते हुए एक बालिग आरोपी को गिरफ्तार तथा एक नाबालिग को निरुद्ध किया है। बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित बाजार कीमत 6 लाख 27 हजार रुपये आंकी गई है। दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद गांजा को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल के उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के नेतृत्व में आरपीएफ की टीम स्टेशन परिसर में अपराध नियंत्रण एवं संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए नियमित गश्त कर रही थी। इस अभियान में आरपीएफ के कई अधिकारी एवं जवानों के साथ सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षी, सीपीडीएस तथा राजकीय रेल थाना (जीआरपी) के पुलिसकर्मी भी शामिल थे। संयुक्त टीम गया रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों एवं यात्रियों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए थी। गश्त के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के हावड़ा छोर स्थित ऊपरी पैदल पुल (एफओबी) के समीप दो युवक दो ट्रॉली बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में खड़े दिखाई दिए। पुलिस टीम की नजर पड़ते ही दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद टीम ने तत्काल दोनों को रोककर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान दोनों युवक घबराए हुए दिखाई दिए और उनके जवाब भी संतोषजनक नहीं थे। संदेह गहराने पर उन्हें विश्वास में लेकर ट्रॉली बैग में रखे सामान के बारे में पूछा गया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उनके ट्रॉली बैग में मादक पदार्थ गांजा रखा हुआ है, जिसे वे भुवनेश्वर से लेकर आ रहे थे। इसके बाद इसकी सूचना तत्काल वरीय अधिकारियों को दी गई। कुछ ही देर में सहायक सुरक्षा आयुक्त, रेलवे सुरक्षा बल, गया भी घटनास्थल पर पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में दोनों ट्रॉली बैगों की विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान दोनों ट्रॉली बैगों से कुल 12.540 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में गिरफ्तार बालिग युवक की पहचान सन्नी कुमार (19 वर्ष), पिता पिंटू कुमार मिस्त्री, निवासी सैदापुर, थाना नरहट, जिला नवादा (बिहार) के रूप में हुई। वहीं दूसरा आरोपी 17 वर्षीय नाबालिग है, जो सराय पीपल थाला, आजादपुर, थाना महेंद्र पार्क, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली का रहने वाला बताया गया। बरामद गांजा की अनुमानित कीमत ₹6,27,000 है। बरामद मादक पदार्थ, दोनों ट्रॉली बैग तथा दोनों आरोपियों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी थाना, गया को सुपुर्द कर दिया गया। उपनिरीक्षक रणधीर कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर जीआरपी थाना, गया में कांड संख्या-186/26 दर्ज किया गया है। मामले में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20(b)(ii)(B) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल आरपीएफ थाना अध्यक्ष बनारसी यादव ने बताया कि रेलवे परिसर को नशा तस्करी, अवैध गतिविधियों एवं अपराध से मुक्त रखने के लिए ऑपरेशन ‘नारकोस’ लगातार चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, ट्रेनों और संदिग्ध यात्रियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां आधुनिक तकनीक के साथ-साथ खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी कार्रवाई कर रही हैं, जिससे मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और स्टेशन परिसर को अपराधमुक्त बनाए रखना रेलवे सुरक्षा बल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मादक पदार्थों की तस्करी समाज, विशेषकर युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे अपराधों में संलिप्त लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। #gayadastak #GayaNews #गयाजी #GayaPolice #gaya #gayarailwaystation

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 17, 2026

7 घंटे..30 फीट गहरा बोरवेल और 3 साल का पीयूष, जिंदगी जीत गई, बोरवेल से 3 साल का बच्चा को सकुशल निकाला गया 

गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रघु नाथ नगर गांव में गुरुवार की शाम एक मासूम की जिंदगी और मौत के बीच 7 घंटे तक जंग चली। 30 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल बाहर निकाल लिया। 

​मासूम के पैर में सूजन आई है। उसे तुरंत सीएचसी फतेहपुर भेजा गया है। रेफर किया जा रहा है। पूरे गांव में खुशी की लहर है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा उफान पर है। कारण ​यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पीएचडी विभाग द्वारा बुलाई गई सीधे-सीधे मौत थी।
District Administration, GAYA 
#GayaPolice 
#gayadastak 
#GayaNews 
#गयाजी 
#gaya

7 घंटे..30 फीट गहरा बोरवेल और 3 साल का पीयूष, जिंदगी जीत गई, बोरवेल से 3 साल का बच्चा को सकुशल निकाला गया गया जिले के फतेहपुर प्रखंड के रघु नाथ नगर गांव में गुरुवार की शाम एक मासूम की जिंदगी और मौत के बीच 7 घंटे तक जंग चली। 30 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरे 3 वर्षीय पीयूष को एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने सकुशल बाहर निकाल लिया। ​मासूम के पैर में सूजन आई है। उसे तुरंत सीएचसी फतेहपुर भेजा गया है। रेफर किया जा रहा है। पूरे गांव में खुशी की लहर है, लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा उफान पर है। कारण ​यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पीएचडी विभाग द्वारा बुलाई गई सीधे-सीधे मौत थी। District Administration, GAYA #GayaPolice #gayadastak #GayaNews #गयाजी #gaya

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 17, 2026

30 फीट के गहरे बोरवोल में गिरा 3 साल का पीयूष, 7 घंटे बाद NDRF-SDRF ने जिंदा बचाया

बिहार के गयाजी में बीते गुरुवार (16 जुलाई, 2026) की शाम दिनेश कुमार के 3 साल का पुत्र पीयूष कुमार खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया. पूरा मामला जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के रघुनाथ नगर गांव का है. बोरवेल करीब 30 फीट गहरा था. सात घंटे की मशक्कत के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला. बच्चे के सकुशल बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली. परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने प्रशासन व रेस्क्यू टीम का आभार जताया.

तुरंत हरकत में आया जिला प्रशासन

बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया. पटना से एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम और एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची. जिला प्रशासन, आपदा राहत बल और स्थानीय लोगों की मेहनत से मासूम पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.

पाइप से दिया जाता रहा ऑक्सीजन

बताया जाता है कि बोरवेल खुला था. इसी के चलते यह हादसा हुआ है. घटना गुरपा थाना क्षेत्र की है. जैसे ही हादसा हुआ तो सूचना के बाद तमाम टीम एक्टिव हो गई. घटना के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर हालत खराब हो गया. लोग परिजन को संभालते रहे. बच्चे को दिक्कत न हो इसलिए बोरवेल के भीतर पाइप से ऑक्सीजन भेजने की व्यवस्था की गई.

…और जिंदा बचा तीन साल का पीयूष

जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से चिकित्सीय सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी मौके पर सुनिश्चित की गई थीं. इस तरह काफी मशक्कत के बाद देर रात जाकर तीन साल के पीयूष को टीम ने सुरक्षित बार निकाला. 6-7 घंटे तक मासूम जब बोरवेल में फंसा रहा तो लोगों की सांस भी अटकी रही. बच्चे के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोग यही कह रहे, "जाको राखे साइयां मार सके ना कोई.
#गयाजी 
#GayaNews 
#gayadastak 
#gaya 
#GayaPolice

30 फीट के गहरे बोरवोल में गिरा 3 साल का पीयूष, 7 घंटे बाद NDRF-SDRF ने जिंदा बचाया बिहार के गयाजी में बीते गुरुवार (16 जुलाई, 2026) की शाम दिनेश कुमार के 3 साल का पुत्र पीयूष कुमार खेलते-खेलते बोरवेल में गिर गया. पूरा मामला जिले के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत कठौतिया केवाल पंचायत के रघुनाथ नगर गांव का है. बोरवेल करीब 30 फीट गहरा था. सात घंटे की मशक्कत के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम ने उसे सुरक्षित बाहर निकाला. बच्चे के सकुशल बाहर आते ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों और परिजनों ने राहत की सांस ली. परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने प्रशासन व रेस्क्यू टीम का आभार जताया. तुरंत हरकत में आया जिला प्रशासन बता दें कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची. राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया. पटना से एनडीआरएफ की विशेषज्ञ टीम और एसडीआरएफ की टीम भी पहुंची. जिला प्रशासन, आपदा राहत बल और स्थानीय लोगों की मेहनत से मासूम पीयूष को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. पाइप से दिया जाता रहा ऑक्सीजन बताया जाता है कि बोरवेल खुला था. इसी के चलते यह हादसा हुआ है. घटना गुरपा थाना क्षेत्र की है. जैसे ही हादसा हुआ तो सूचना के बाद तमाम टीम एक्टिव हो गई. घटना के बाद बच्चे के परिजनों का रो-रोकर हालत खराब हो गया. लोग परिजन को संभालते रहे. बच्चे को दिक्कत न हो इसलिए बोरवेल के भीतर पाइप से ऑक्सीजन भेजने की व्यवस्था की गई. …और जिंदा बचा तीन साल का पीयूष जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से चिकित्सीय सहायता एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी मौके पर सुनिश्चित की गई थीं. इस तरह काफी मशक्कत के बाद देर रात जाकर तीन साल के पीयूष को टीम ने सुरक्षित बार निकाला. 6-7 घंटे तक मासूम जब बोरवेल में फंसा रहा तो लोगों की सांस भी अटकी रही. बच्चे के सुरक्षित बाहर आने के बाद लोग यही कह रहे, "जाको राखे साइयां मार सके ना कोई. #गयाजी #GayaNews #gayadastak #gaya #GayaPolice

Gaya Town CD Block, Gaya | Jul 17, 2026