देवास नगर: सच्ची सेवा वही, जो आत्मा को दुख और पीड़ा से मुक्त करे : प्रेमलता दीदी
सच्ची सेवा वही, जो आत्मा को दुख और पीड़ा से मुक्त करे : प्रेमलता दीदी देवास। मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल स्वयं सुखी रहना नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी सुख, शांति और आशा का संचार करना है। सेवा तभी सार्थक बनती है जब वह किसी पीड़ित आत्मा के जीवन में राहत और सकारात्मक परिवर्तन लाए। निस्वार्थ भाव, पवित्र मन और करुणा से किया गया कार्य ही ईश्वर की सच