बलौदाबाजार हत्याकांड: जहरीली शराब से 8 ग्रामीणों की मौत, आरोपी गिरफ्तार
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में हुई 8 लोगों की रहस्यमयी मौतों का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि ये मौतें हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थीं। पुलिस ने गांव के ही रामसहाय जायसवाल को गिरफ्तार किया है, जिसने शराब में जहर मिलाकर ग्रामीणों को मौत के घाट उतार दिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने घटना को अंजाम देने से पहले एक कुत्ते पर जहर का ट्रायल किया था। कुत्ते की मौत होने के बाद उसे यकीन हो गया कि जहर असरदार है। इसके बाद उसने गांव के लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। पुलिस के मुताबिक आरोपी गांव के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश रखता था। साथ ही उसे चरित्र को लेकर शक और जादू-टोना का भ्रम भी था। इसी वजह से उसने बदला लेने की योजना बनाई। आरोपी शराब में “सुहागा” नामक जहरीला पदार्थ मिलाकर लोगों को पिलाता था, जिससे एक-एक कर आठ लोगों की मौत हो गई। फरवरी से मई के बीच लगातार हो रही मौतों से गांव में दहशत फैल गई थी। 6 जून को ग्रामीणों ने SDOP कसडोल से शिकायत कर मामले की जांच की मांग की। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सात शवों को कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराया। जांच में पता चला कि आरोपी ने चूहा मारने की दवा के बहाने जहरीला पदार्थ लिया था। तकनीकी साक्ष्यों और कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।