संगम नगरी की पावन धरा पर मंगलवार को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की वैश्विक स्वीकार्यता का एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। हांगकांग (चीन) से आए लगभग 350 जैन श्रद्धालुओं का एक जत्था अक्षयवट स्थित प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ (ऋषभदेव) की तपोस्थली और उनकी प्राचीन चरण पादुका के दर्शन हेतु प्रयागराज पहुंचा।इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी ने विदेशी मेहमानों स्वागत किया